टीआरई-4 शारीरिक और संगीत शिक्षक की बम्पर बहाली- जल्दी देखें:-बिहार में शिक्षक बनने का सपना देख रहे युवाओं के लिए टीआरई-4 (Teacher Recruitment Examination – 4) एक बड़ा अवसर लेकर आ रहा है। खास बात यह है कि इस बार शारीरिक शिक्षा (Physical Education) और संगीत (Music) विषय के शिक्षकों की बम्पर बहाली होने जा रही है। लंबे समय से इन विषयों में भर्ती नहीं होने के कारण हजारों योग्य अभ्यर्थी इंतजार कर रहे थे, अब उनके लिए सरकारी शिक्षक बनने का रास्ता खुल रहा है।
इस आर्टिकल में हम विस्तार से जानेंगे—
- टीचर बनने के लिए क्या योग्यता चाहिए
- TRE-4 के जरिए शिक्षक कैसे बन सकते हैं
- शारीरिक और संगीत शिक्षक बनने का क्राइटेरिया
- कौन-कौन से रास्ते हैं शिक्षक बनने के
- चयन प्रक्रिया, सैलरी, तैयारी और भविष्य
टीआरई-4 के बाद शारीरिक और संगीत शिक्षकों की बहाली होगी
राज्य के स्कूलों में शारीरिक और संगीत (म्यूजिक) शिक्षकों की बहाली टीआरई-4 के बाद होगी। शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने शुक्रवार को विधानपरिषद की पहली पाली में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अभी पठन-पाठन के विषयों के शिक्षकों की बहाली चल रही है। इसके बाद इन विषयों के शिक्षकों की बहाली होगी।
स्कूलों में 500 विद्यार्थियों पर एक शारीरिक शिक्षक नियुक्त होंगे, शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने विधान परिषद में दी जानकारी
राजद एमएलसी अजय कुमार सिंह के सवाल पर कहा कि गणित, भौतिको सहित कई अन्य विषयों में अब भी शिक्षकों की कमी है। योग्य शिक्षक नहीं मिल रहे हैं। इसलिए सरकार की प्राथमिकता पहले पठन-पाठन वाले विषयों के शिक्षकों की कमी पूरी करने की है। विषयवार शिक्षकों पर ध्यान दिया जा रहा है। जब इन विषयों के शिक्षकों की आवश्यकता पूरी हो जाएगी, तब शारीरिक और संगीत शिक्षकों की भर्ती शुरू होगी। हरेक स्कूल में 500 विद्यार्थियों पर एक शारीरिक शिक्षक की नियुक्ति की जाएगी। राजद एमएलसी अजय कुमार सिंह ने शारीरिक शिक्षक को भी महत्वपूर्ण मानते हुए इनकी बहाली जल्द करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत कक्षा 12 तक के स्कूलों के लिए शारीरिक शिक्षक अनिवार्य किए गए हैं।
विधानपरिषद में भाजपा एमएलसी जीवन कुमार ने दस वर्ष से ज्यादा अनुभव वाले विशिष्ट शिक्षकों की प्रोन्नति का मामला उठाया। इस पर शिक्षा मंत्री ने कहा कि आठ वर्ष पुराने शिक्षकों की प्रोन्नति का प्रावधान है। हालांकि रिक्ति उपलब्ध होने पर ही प्रोन्नति दी जानी है। इसलिए कालबद्ध प्रोन्नति का कोई प्रस्ताव नहीं है। विभाग की मंशा है कि ऐसे शिक्षकों को वित्तीय लाभ देय होगा, वह दिया जाएगा।
जिन प्रखंडों में कॉलेज नहीं, वहां भी खोले जाएंगे
शिक्षा मंत्री ने विधानपरिषद में कहा कि राज्य के उन प्रखंडों में डिग्री कॉलेज खोले जा रहे है, जहां अभी कोई कॉलेज नहीं है। ऐसे 213 प्रखंड चिह्नित किए गए हैं। विधान परिषद में जीवन कुमार ने प्रधानाध्यपको के अपने जिले से 100-500 किमी दूर स्कूलों में पदस्थापित करने और इसके कारण आ रही दिक्कतों को लेकर ध्यानाकर्षण लाया। इस पर शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्राथमिक शिक्षकों की तुलना में प्रधानाध्यापकों की संख्या कम है।
स्कूल-कॉलेजों की भूमि का रिकॉर्ड तैयार होगा
राज्य के स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के पास कितनी जमीन है, इसका ब्योरा तैयार होगा। शिक्षा मंत्री ने बताया कि इसके लिए विभाग की ओर से हर जिले में अधिकारी की तैनाती की जा रही है। राजस्व विभाग के सेवानिवृत्त अधिकारी को बहाल किया जा रहा है। जल्द सभी स्कूल-कॉलेजों का रिकॉर्ड विभाग के पास रहेगा। कांग्रेस एमएलसी मदन मोहन झा ने चहारदीवारी नहीं होने से असमाजिक तत्वों के अतिक्रमण का मुद्दा उठाया था।
एक महीने में दूर होगी शिक्षकों केईपीएफ भुगतान की समस्या
सुनील कुमार ने कहा कि कई जिलों में ईपीएफ राशि के भुगतान में समस्या है। इसे एक माह में सुधार लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि बेतिया, मुजफ्फरपुर, किशनगंज में गड़बड़ी करने वाले अफसरों पर भी कार्रवाई की गई है।
शिक्षा मंत्री बताएंगे मामले में क्या कार्रवाई हुई : सभापति
विधानपरिषद में शुक्रवार को जीवन कुमार, डॉ. वीरेंद्र नारायण यादव और प्रो. संजय कुमार सिंह के सवाल पर उन्होंने यह जानकारी दी। संजीव सिंह ने कहा कि यह ईपीएफ घोटाला है। राज्य के कई जिलों में सरकारी स्कूलों के शिक्षकों एवं कर्मियों की ईपीएफ राशि उनके खाते में जमा नहीं की गई है, जबकि उनके वेतनमद से इसकी कटौती हो गई है।
इस अल्पसूचित प्रश्न पर सभापति अवधेश नारायण सिंह ने नियमन दिया कि
शिक्षा मंत्री चलते सत्र में यह बताएं कि इस मामले में क्या कार्रवाई हुई है। वहीं, अब्दुलबारी सिद्दीकी ने नियोजित शिक्षकों की नियु क्ति में फर्जीवाड़े से जुड़ा प्रश्न उठाया और पूछा कि इसमें नियुक्त करने वाले पदाधिकारियों पर क्या कार्रवाई हुई है। इस पर शिक्षा मंत्री ने कहा कि कार्रवाई हुई है। वह इसका विस्तृत जवाब 20 फरवरी को उपलब्ध करा देंगे।
TRE-4 क्या है? (Teacher Recruitment Examination-4)
TRE-4 बिहार सरकार की वह भर्ती परीक्षा है, जिसके माध्यम से राज्य के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति की जाती है। इस परीक्षा के जरिए—
- प्राथमिक शिक्षक
- मध्य विद्यालय शिक्षक
- माध्यमिक शिक्षक
- उच्च माध्यमिक शिक्षक
की बहाली होती है। अब इसमें शारीरिक शिक्षा और संगीत शिक्षक भी शामिल किए जा रहे हैं।
बिहार में टीचर बनने के मुख्य तरीके
अगर आप बिहार में सरकारी शिक्षक बनना चाहते हैं, तो मुख्य रूप से चार रास्ते होते हैं—
TRE परीक्षा के माध्यम से
यह सबसे बड़ा और स्थायी रास्ता है। TRE-1, TRE-2, TRE-3 के बाद अब TRE-4 आने वाला है।
विशेष विषय शिक्षक (Physical / Music)
जिन विषयों के लिए सामान्य शिक्षक उपलब्ध नहीं होते, वहाँ विशेष योग्यता के आधार पर भर्ती होती है।
संविदा से नियमित बहाली
कुछ शिक्षक पहले संविदा पर रखे जाते हैं, बाद में परीक्षा/प्रक्रिया से नियमित होते हैं।
खेल या कला कोटा आधारित अवसर
खेल, संगीत, नृत्य जैसे विषयों में उत्कृष्ट अभ्यर्थियों को अतिरिक्त अवसर मिलते हैं।
TRE-4 में शारीरिक शिक्षक बनने का क्राइटेरिया
शैक्षणिक योग्यता
शारीरिक शिक्षक बनने के लिए अभ्यर्थी के पास निम्न में से कोई एक योग्यता होनी चाहिए—
- B.P.Ed (Bachelor of Physical Education)
- D.P.Ed / C.P.Ed
- स्नातक + शारीरिक शिक्षा में डिग्री/डिप्लोमा
आयु सीमा
- न्यूनतम: 18–21 वर्ष
- अधिकतम: 37 वर्ष (सामान्य)
- आरक्षित वर्ग को नियमानुसार छूट
अन्य आवश्यकताएँ
- खेल/फिटनेस से संबंधित बुनियादी ज्ञान
- शारीरिक दक्षता
- सरकारी नियमों के अनुसार पात्रता
TRE-4 में संगीत शिक्षक बनने का क्राइटेरिया
शैक्षणिक योग्यता
संगीत शिक्षक के लिए निम्न योग्यताएँ मान्य होती हैं—
- संगीत में स्नातक (B.A Music)
- संगीत में डिप्लोमा/विशारद/प्रभाकर
- मान्यता प्राप्त संस्थान से संगीत प्रशिक्षण
विषय
- गायन
- वादन
- शास्त्रीय / लोक संगीत
अन्य योग्यताएँ
- संगीत का व्यवहारिक ज्ञान
- विद्यालय स्तर पर पढ़ाने की क्षमता
TRE-4 शिक्षक चयन प्रक्रिया (Selection Process)
TRE-4 के तहत शिक्षक बनने की प्रक्रिया सामान्यतः इस प्रकार होती है—
- ऑनलाइन आवेदन
- लिखित परीक्षा
- मेरिट लिस्ट जारी
- दस्तावेज़ सत्यापन (DV)
- नियुक्ति पत्र (Joining)
शारीरिक और संगीत शिक्षकों के लिए लिखित के साथ-साथ योग्यता आधारित मूल्यांकन भी हो सकता है।
TRE-4 परीक्षा पैटर्न
- विषय संबंधित प्रश्न
- शिक्षण विधि (Teaching Aptitude)
- सामान्य ज्ञान
- शिक्षा से जुड़े नियम
नोट:- अंतिम पैटर्न नोटिफिकेशन आने के बाद ही तय होगा।
सैलरी और सुविधाएँ
TRE-4 के तहत चयनित शिक्षकों को—
- सरकारी वेतनमान
- नियमित वेतन
- DA, HRA, अन्य भत्ते
- पेंशन व सेवा लाभ
मिलते हैं। शुरुआती वेतन ₹25,000–₹40,000+ तक हो सकता है (पद के अनुसार)।
शिक्षक बनने के फायदे
- सरकारी नौकरी की स्थिरता
- समाज में सम्मान
- समय पर वेतन
- प्रमोशन के अवसर
- पेंशन और भविष्य की सुरक्षा
TRE-4 की तैयारी कैसे करें?
1. सिलेबस समझें
सबसे पहले अपने विषय का पूरा सिलेबस समझें।
2. बेसिक मजबूत करें
- शारीरिक शिक्षक: एनाटॉमी, खेल नियम, फिटनेस
- संगीत शिक्षक: राग, ताल, स्वर, अभ्यास
3. पुराने प्रश्न देखें
पिछली TRE परीक्षाओं के प्रश्नों का अभ्यास करें।
4. डेली प्रैक्टिस
थोड़ा-थोड़ा रोज पढ़ना सबसे बेहतर तरीका है।
TRE-4 से जुड़ी जरूरी सलाह
- सभी प्रमाणपत्र पहले से तैयार रखें
- नोटिफिकेशन का इंतजार करें
- फर्जी खबरों से बचें
- केवल आधिकारिक सूचना पर भरोसा करें
निष्कर्ष (Conclusion)
TRE-4 बिहार के युवाओं के लिए एक सुनहरा अवसर है, खासकर उन अभ्यर्थियों के लिए जो शारीरिक शिक्षा या संगीत विषय में योग्य हैं। सही तैयारी, सही जानकारी और समय पर आवेदन करके आप भी सरकारी शिक्षक बन सकते हैं।
अगर आप लंबे समय से इंतजार कर रहे थे, तो अब समय आ गया है पूरा फोकस करने का।
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