मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना- बिहार सरकार ने महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने हाल ही में मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना (Mukhyamantri Mahila Rojgar Yojana) की शुरुआत की है। इस योजना के तहत राज्य के हर परिवार की एक महिला को रोजगार शुरू करने के लिए ₹10,000 की प्रारंभिक सहायता दी जाएगी। यही नहीं, व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए 6 महीने बाद समीक्षा के आधार पर ₹2 लाख तक की अतिरिक्त आर्थिक मदद भी दी जाएगी। इस तरह कुल राशि ₹2 लाख 10 हजार तक पहुँच सकती है। आइए विस्तार से समझते हैं कि यह योजना क्या है, इसमें कौन लाभान्वित होगा, आवेदन कैसे करना है, और इसके क्या फायदे होंगे।
मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना 2025 – मुख्य विशेषताएँ
| लाभार्थी | हर परिवार की एक महिला |
| प्रारंभिक सहायता राशि | ₹10,000 (रोजगार शुरू करने के लिए) |
| अतिरिक्त सहायता राशि | 6 महीने बाद समीक्षा के आधार पर ₹2 लाख तक |
| कुल संभावित राशि | ₹2.10 लाख |
| भुगतान का तरीका | (DBT) द्वारा सीधे बैंक खाते में |
मुख्यमंत्री-महिला रोजगार योजना
- राज्य के सभी परिवारों की एक महिला को उनकी पसंद का रोजगार शुरू करने के लिए आर्थिक सहायता
- पहली किस्त के रूप में ₹10,000 की सहायता राशि महिला के बैंक खाते में सितम्बर 2025 से ट्रांसफर की जायेगी
- रोजगार शुरू करने के 6 माह बाद आकलन कर आवश्यकतानुसार ₹2 लाख तक की अतिरिक्त सहायता दी जायेगी
- महिलाओं के उत्पादों की बिक्री के लिए गांवों से लेकर शहरों तक हाट-बाजार विकसित किए जायेंगे
योजना का विशेषताएँ
यह योजना महिलाओं की आर्थिक आज़ादी और आत्मनिर्भरता की दिशा में बिहार सरकार का ठोस कदम है।
बिहार सरकार का लक्ष्य है कि बिहार के प्रत्येक घर की महिला रोजगार से जुड़कर परिवार, समाज और राज्य की शक्ति बने।
योजना का उद्देश्य
इस योजना से महिलाओं को रोजगार मिलेगा, परिवार की आमदनी बढ़ेगी और जीवन स्तर सुधरेगा। नए अवसर बनने से पलायन रुकेगा और बिहार आत्मनिर्भर बनेगा।
हर घर महिला… हर घर स्वरोजगार
बिहार सरकार हर घर की एक महिला को 10,000 रुपए देगी। योजना सितंबर से लागू होगी। इसका उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और सक्षम बनाना है। शुक्रवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस पर मुहर लगी। मुख्य सचिव अमृत लाल मीणा और विकास आयुक्त प्रत्यय अमृत ने कहा कि महिलाओं को स्वरोजगार देने की योजना पहली बार शुरू की जा रही है। इसका क्रियान्वयन ग्रामीण विकास विभाग करेगा। ग्रामीण विकास विभाग के सचिव लोकेश कुमार सिंह ने बताया कि । सितंबर के बाद से राशि वितरण शुरू होगा। 10,000 रुपए की पहली किस्त देने के बाद आकलन किया जाएगा। छह महीने बाद महिला को 2 लाख रुपए की अतिरिक्त सहायता मिलेगी।
कैसे बनी योजना… 70 हजार महिला समूहों से संवाद, उनके सुझावों से खाका तैयार किया
मुख्य सचिव मीणा ने कहा कि इस योजना से पूरे परिवार की आमदनी बढ़ेगी। राज्य में बड़ी संख्या में रोजगार का सृजन होगा। पलायन कम होगा। बिहार से बाहर काम करने की मजबूरी नहीं होगी। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ महीनों में सरकार ने 70 हजार महिला समूहों से संवाद किया था। इस दौरान विवाह मंडप और आर्थिक सशक्तिकरण को लेकर कई सुझाव आए थे। इन्हीं सुझावों के आधार पर योजना की रूपरेखा तैयार की गई है।
महिलाओं को अभी क्या…. नौकरियों में आरक्षण, कई स्कीम चल रहीं
नीतीश सरकार ने वर्ष 2013 में पुलिस भर्ती में महिलाओं को 35% आरक्षण और फिर 2016 में सभी सरकारी नौकरियों में 35% आरक्षण की व्यवस्था कर चुकी है। सरकारी स्कूलों में 12वीं पास करने पर 25000 तो ग्रेजुएशन पास करने पर 50000 रुपए दे रही है। मुख्यमंत्री महिला उद्यमी योजना के तहत सभी वर्ग की महिलाओं को अधिकतम 5 लाख अनुदान और 5 लाख ब्याज मुक्त लोन दे रही है।
बिहार में 2.77 करोड़ परिवार, इन परिवार की 80% महिलाएं भी रोजगार करने लगीं तो बदलेगी स्थिति
- 2006 में पंचायत तथा 2007 में नगर निकायों के चुनावों में महिलाओं को 50 फीसदी आरक्षण दिया गया। अभी पंचायत से लेकर तमाम नगर निकायों के पद पर 57% महिलाएं काबिज हैं।
- महिलाओं की मांग पर ही 2016 में पूर्ण शराबबंदी लागू हुई। 10 वर्ष में इसके सकारात्मक परिणाम देखने को मिले।
- सभी पंचायतों में 12वीं तक के स्कूल खोले गए। सभी प्रखंड में कॉलेज खोले गए। बालिका पोषाक, छात्रवृत्ति एवं साइकिल योजनाएं चलाई जा रही हैं।
- सामाजिक सुरक्षा पेंशन की राशि दोगुना करते हुए अभी 1.12 करोड़ परिवार को उसके लाभ दिए जा रहे हैं।
- 2006 में जीविका का गठन किया गया था। इसमें 11 लाख स्वयं सहायता समूह हैं। इनसे 1.40 करोड़ महिलाएं जुड़ी हैं। करोड़ों के व्यवसाय कर रही हैं, आत्मनिर्भर हुई हैं।
1.40 करोड़ महिलाएं जीविका से जुड़ी हैं
बिहार में 2.77 करोड़ परिवार हैं। कुल 13.07 करोड़ आबादी में 53.72 लाख बिहार से बाहर हैं। 12.53 करोड़ में से 6.11 करोड़ महिलाएं हैं। इनमें 1.40 करोड़ महिलाएं जीविका से जुड़ी हैं। अगर सभी 2.77 करोड़ परिवार की महिलाओं से 80% भी रोजगार करने लगी तो बिहार की आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा
Documents for Bihar Mahila Rojgar Yojana 2025
यदि आप Bihar Mahila Rojgar Yojana 2025 में ऑनलाइन आवेदन करना चाहती है, तो आपको नीचे दिए हुए सभी दस्तावेजों की आवश्यकता होगी जो कि कुछ इस प्रकार से हैं –
- आधार कार्ड
- आवासीय प्रमाण पत्र
- बैंक पासबुक (खाता आधार और DBT से जुड़ा होना चाहिए)
- पासपोर्ट साइज फोटो
- आय प्रमाण पत्र (BPL/APL स्थिति)
- मोबाइल नंबर (आधार से लिंक)
- स्व-घोषणा पत्र (कि परिवार में किसी और को यह लाभ नहीं मिला है)
जानिए उन सवालों के जवाब जो आपके जेहन में आते हैं
प्रश्नः योजना कब से लागू होगी?
-राशि वितरण 1 सितंबर के बाद से होगा।
प्रश्नः योजना का उद्देश्य क्या है?
-महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और सक्षम बनाना।
प्रश्न: इस योजना से फायदा?
उत्तरः परिवार की आमदनी बढ़ेगी और बिहार से बाहर रोजगार के लिए नहीं जाना पड़ेगा।
प्रश्नः क्रियान्वयन कौन करेगा?
उत्तरः ग्रामीण विकास विभाग।
प्रश्न अतिरिक्त सहायता मिलेगी?
उत्तरः 6 महीने बाद 2 लाख रुपए।
प्रश्नः उत्पादों की बिक्री की व्यवस्था?
उत्तरः हाट और बाजार बनाए जाएंगे।
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