स्नातक का नया मार्कशीट जारी- यहाँ से देखें

स्नातक का नया मार्कशीट जारी- यहाँ से देखें

स्नातक का नया मार्कशीट जारी- यहाँ से देखें:-बीआरए बिहार विश्वविद्यालय (BRABU) से पढ़ाई कर रहे लाखों स्नातक छात्रों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्नातक (UG) परीक्षाओं के अंक पत्र (मार्कशीट) का नया फॉर्मेट लागू करने का निर्णय लिया है। यह नया फॉर्मेट सत्र 2023–27 समेत आगामी सभी स्नातक परीक्षाओं पर लागू होगा। परीक्षा बोर्ड की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है और जल्द ही छात्रों को नए फॉर्मेट में मार्कशीट मिलना शुरू हो जाएगा।

यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है, जब बड़ी संख्या में छात्र मार्कशीट में विषय, नाम और पेपर कोड से जुड़ी गलतियों को लेकर परेशान थे। विश्वविद्यालय के इस कदम से न सिर्फ छात्रों की परेशानी कम होगी, बल्कि भविष्य में नौकरी, उच्च शिक्षा और अन्य शैक्षणिक प्रक्रियाओं में भी उन्हें सुविधा मिलेगी।

बीआरए बिहार विवि में शुक्रवार को परीक्षा बोर्ड की बैठक होगी। इसमें स्नातक 2023-27 के छात्रों के लिए नया अंक पत्र का फार्मेट तय होगा। नए अंक पत्र में छात्रों के पेपर के नाम भी रहेंगे। अब तक अंक पत्र पर पेपर की संख्या लिखी रहती थी। इसके अलावा इसमें एक साल में स्नातक के दो पार्ट की परीक्षा देने वाले छात्रों पर चर्चा की जाएगी। बैठक की अध्यक्षता कुलपति डॉ. डीसी राय करेंगे।

बैठक में अंक पत्र पर सीजीपीए के साथ अंकों के प्रतिशत लिखने पर भी चर्चा की जाएगी। परीक्षा बोर्ड में डिग्री के नए फार्मेट को भी पास किया जाएगा। परीक्षा बोर्ड के अलावा 20 दिसंबर को सिंडिकेट की बैठक भी होगी। इस बैठक में वित्त समिति में पास हुए प्रस्ताव और एकेडमिक काउंसिल में पास हुए प्रस्ताव पर चर्चा की जाएगी। इससे पहले गुरुवार को बीआरएबीयू में वित्त समिति और एकेडमिक काउंसिल के पास प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी गई।

बीआरएबीयू की लापरवाही से छात्रों की जेब कट रही है और विवि की तिजोरी में पैसे बढ़ रहे हैं। एडमिट कार्ड प्रिंट होने के बाद छात्रों के नाम और रजिस्ट्रेशन नंबर गलत हो जा रहे हैं। एडमिट कार्ड को सुधारने के लिए लगभग एक हजार छात्रों ने आवेदन दिये हैं। एक पार्ट के एडमिट कार्ड को सुधारने के लिए छात्रों को 300 रुपये जमा करने होते हैं। अगर तीनों पार्ट के एडमिट कार्ड को सुधारना हो तो 900 रुपये छात्रों को देने होंगे। पुरानी परीक्षा से लेकर नई परीक्षा तक के एडमिट कार्ड में सुधार के लिए छात्र आवेदन दे रहे हैं। परीक्षा नियंत्रक प्रो. रामकुमार कहना है कि कहां से गलती हो रही है, इसे दिखवाकर ठीक कराया जायेगा।

छात्रों के एडमिट कार्ड गलत होने से रिजल्ट रुक जा रहा है। रिजल्ट रुकने से छात्रों को दोहरी परेशानी हो रही है। पहले एडमिट कार्ड में सुधार और उसके बाद रिजल्ट में सुधार कराना पड़ रहा है। एडमिट कार्ड निजी एजेंसी से प्रकाशित कराकर विवि छात्रों को बांटता है। एडमिट कार्ड ऑनलाइन जारी किया जाता है, इसके बाद छात्र उसे डाउनलोड करते हैं। सूत्रों के मुताबिक कई बार छात्रों ने गलत एडमिट कार्ड पर ही परीक्षा दे दी है। बाद में उसे सुधारा गया है। एडमिट कार्ड सुधार होने तक छात्रों की डिग्री और अंकपत्र रुका रहा था।

विवि में होने वाले छात्र संवाद में भी एडमिट कार्ड पर नाम गलत होने की शिकायत लेकर छात्र पहुंचे हैं। इसके अलावा विवि में हर दिन छात्र एडमिट कार्ड सुधार के लिए पहुंच रहे हैं। एडमिट कार्ड सुधार के लिए छात्रों के आवेदनों की एक गठरी विवि में जमा हो चुकी है। विवि के कर्मियों ने बताया कि कई बार कॉलेज से गलत नाम भर देने के कारण भी छात्रों का एडमिट कार्ड गलत होकर आ रहा है। परीक्षा फॉर्म कॉलेज को ही भरना है। कॉलेज छात्र के नाम की स्पेलिंग गलत भर देते हैं, जिससे एडमिट कार्ड पर नाम गलत और कभी-कभी विषय गलत छप कर आ जाता है।

  • एडमिट कार्ड प्रिंट होने में नाम की स्पेलिंग में हो रही गलती
  • एक पार्ट के एडमिट कार्ड को सुधारने में लगते 300 रुपये

अब तक बीआरए बिहार विश्वविद्यालय की स्नातक मार्कशीट में केवल पेपर कोड अंकित होता था। इससे यह समझना कठिन हो जाता था कि छात्र ने किस विषय में परीक्षा दी है, खासकर जब मार्कशीट का उपयोग किसी अन्य विश्वविद्यालय, कॉलेज या संस्थान में किया जाता था।

  • मार्कशीट पर पेपर कोड के साथ-साथ विषय का पूरा नाम स्पष्ट रूप से छापा जाएगा।
  • छात्र की पहचान और विषय से जुड़ी जानकारी अधिक स्पष्ट और पारदर्शी होगी।
  • बाहर के विश्वविद्यालयों और संस्थानों को भी मार्कशीट समझने में आसानी होगी।

यह बदलाव विशेष रूप से उन छात्रों के लिए महत्वपूर्ण है, जो स्नातक के बाद पीजी, बीएड, प्रतियोगी परीक्षा या नौकरी के लिए आवेदन करते हैं।

बीआरए बिहार विश्वविद्यालय की परीक्षा बोर्ड की बैठक में स्नातक मार्कशीट के नए फॉर्मेट के साथ-साथ कई अन्य अहम मुद्दों पर भी चर्चा हुई।

  • स्नातक परीक्षाओं के लिए नया अंक पत्र फॉर्मेट लागू करना।
  • पिछले वर्षों में परीक्षा से वंचित (छूटे) छात्रों की स्थिति पर विचार।
  • परीक्षा प्रक्रिया में आई तकनीकी और प्रशासनिक कमियों को सुधारने पर सहमति।
  • मार्कशीट और एडमिट कार्ड में होने वाली त्रुटियों के लिए सुधार प्रक्रिया को सरल बनाना।

विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि इन फैसलों का मुख्य उद्देश्य छात्रों को समय पर सही दस्तावेज उपलब्ध कराना है।

बीते कुछ वर्षों में बीआरए बिहार विश्वविद्यालय के छात्रों ने लगातार यह शिकायत की थी कि उनके एडमिट कार्ड और मार्कशीट में गलतियां पाई जा रही हैं। इनमें प्रमुख रूप से:

  • छात्र के नाम की स्पेलिंग गलत होना
  • विषय या विषय समूह गलत छप जाना
  • कभी-कभी किसी अन्य विषय का उल्लेख हो जाना

इन गलतियों के कारण छात्रों को परीक्षा, रिजल्ट और आगे की पढ़ाई में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।

विश्वविद्यालय द्वारा त्रुटि सुधार के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया अपनाई गई है। यदि किसी छात्र के एडमिट कार्ड या मार्कशीट में गलती है, तो वह निर्धारित प्रक्रिया के तहत सुधार करा सकता है।

  • छात्र को विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन करना होगा।
  • प्रति सुधार लगभग ₹300 शुल्क निर्धारित है।
  • यदि छात्र के तीनों पार्ट/सेमेस्टर में सुधार की जरूरत है, तो कुल शुल्क ₹900 तक हो सकता है।
  • आवेदन के साथ आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने होते हैं।
  • सत्यापन के बाद सुधार किया जाता है और नई मार्कशीट/एडमिट कार्ड जारी किया जाता है।

हालांकि छात्रों का कहना है कि सुधार प्रक्रिया में कभी-कभी देरी होती है, लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन का दावा है कि इसे और तेज किया जा रहा है।

हाल ही में छात्र संवाद कार्यक्रमों और शिकायत मंचों पर बड़ी संख्या में छात्रों ने यह मुद्दा उठाया कि एडमिट कार्ड में सुधार के बावजूद मार्कशीट में फिर से गलती आ जाती है।

  • सुधार के लिए आवेदन करने के बाद भी गलत जानकारी दोबारा छप जाना
  • परीक्षा फॉर्म भरने में तकनीकी दिक्कतें
  • सुधार के बाद रिजल्ट में देरी

वहीं विश्वविद्यालय का कहना है कि अब ऑनलाइन सिस्टम को और बेहतर किया जा रहा है, ताकि डेटा एंट्री की गलतियों को रोका जा सके।

नया फॉर्मेट सिर्फ एक तकनीकी बदलाव नहीं है, बल्कि इसका सीधा लाभ छात्रों को मिलेगा।

  • विषय का नाम स्पष्ट होने से कंफ्यूजन खत्म होगा।
  • बाहर के विश्वविद्यालयों और नियोक्ताओं को मार्कशीट समझने में आसानी।
  • डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन में कम समय लगेगा।
  • छात्रों को बार-बार सुधार के लिए आवेदन नहीं करना पड़ेगा।

विश्वविद्यालय के अनुसार, नया फॉर्मेट चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।

  • जिन छात्रों का रिजल्ट पहले ही जारी हो चुका है, उन्हें अपडेटेड फॉर्मेट में मार्कशीट दी जाएगी।
  • आगामी परीक्षाओं के परिणाम सीधे नए फॉर्मेट में जारी होंगे।
  • बीआरए बिहार विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट
  • अपने कॉलेज के नोटिस बोर्ड
    के माध्यम से प्राप्त कर सकते हैं।
  • मार्कशीट या एडमिट कार्ड मिलने पर सभी विवरण ध्यान से जांचें
  • किसी भी गलती की स्थिति में तुरंत सुधार के लिए आवेदन करें
  • ऑनलाइन आवेदन और भुगतान की रसीद सुरक्षित रखें
  • विश्वविद्यालय या कॉलेज द्वारा जारी नोटिस को नियमित रूप से देखें।

बीआरए बिहार विश्वविद्यालय द्वारा स्नातक का नया मार्कशीट फॉर्मेट लागू करना एक सकारात्मक और आवश्यक कदम है। इससे छात्रों को लंबे समय से चली आ रही समस्याओं से राहत मिलेगी। विषय का नाम स्पष्ट होने से न सिर्फ दस्तावेजों की विश्वसनीयता बढ़ेगी, बल्कि छात्रों के शैक्षणिक और व्यावसायिक भविष्य में भी सहूलियत होगी।

आने वाले समय में यदि विश्वविद्यालय सुधार प्रक्रिया को और तेज और पारदर्शी बनाता है, तो यह कदम लाखों छात्रों के लिए बेहद लाभकारी साबित होगा।

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