रक्षा क्षेत्र में बढ़ती नौकरी का अवसर- मैट्रिक इंटर सबके लिए सरकारी नौकरी:-देश की सुरक्षा तकनीक नए दौर में प्रवेश कर चुकी है। वैश्विक और घरेलू रिपोर्ट्स इस ओर इशारा करती हैं कि डिफेंस सेक्टर तेजी से नई तकनीकों की ओर बढ़ रहा है, जहां इंजीनियरिंग, आईटी, साइबर सुरक्षा, एआई जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षित युवाओं की मांग बढ़ेगी। यही बदलाव डिफेंस टेक्नोलॉजी को रोजगार के एक बड़े केंद्र के रूप में स्थापित कर रहा है। उभरती संभावनाओं पर नजर डाल रही हैं तृप्ति मिश्रा
रक्षा क्षेत्र में बढ़ती नौकरी की सुरक्षा
भारत में डिफेंस-टेक्नोलॉजी का क्षेत्र तेजी से बढ़ रहा है। रक्षा निर्यात वित्त वर्ष 2023-24 के 1.27 लाख करोड़ की तुलना में वर्ष 2024-25 में बढ़कर लगभग 23,622 करोड़ रुपये पहुंच गया है। वहीं, ऑपरेशन सिंदूर जैसी घटनाओं ने देश को रक्षा तकनीक में आत्मनिर्भर बनाने की जरूरत की ओर भी ध्यान खींचा है। रिपोर्ट्स की मानें, तोइस सेक्टर में अगले 5-7 वर्षों में बड़े पैमाने पर, टेक, साइबर सिक्योरिटी और एआई के जानकारों के लिए नए रोजगार अवसर पैदा होने वाले हैं।
डिफेंस टेक का क्षेत्र
आज हथियारों में सिर्फ मशीनें ही नहीं, स्मार्ट तकनीक भी शामिल है। देश में आर्म फैक्ट्रियां, टेक कंपनियां और रिसर्च लैब्स नई पीढ़ी के रक्षा उपकरण बना रही हैं। एआई-ड्रोन, स्मार्ट मिसाइलें, नाइट-विजन उपकरण, बुलेटप्रूफ जैकेट और डिजिटल कम्युनिकेशन सिस्टम्लगातार बेहतर हो रहे हैं। इनके लिए कंप्यूटर, इलेक्ट्रॉनिक्स, डाटा और डिजाइन में दक्ष पेशेवरों की जरूरत बढ़ी है।
अभी कौशल की कमी
बीते साल दिसंबर में आई क्वेस कॉर्प हाइलाइट्स की रिपोर्ट बताती है कि भारत में मौजूद आठ लाख एआई पेशेवरों में से पांच प्रतिशत से भी कम डिफेंस सेक्टर की वास्तविक जरूरतों के अनुसार पूरी तरह तैयार हैं। यानी ऐसे विशेषज्ञ जो ड्रोन सिस्टम, रडार और आरएफ टेक्नोलॉजी, क्वांटम कम्युनिकेशन, साइबर-डिफेंस, मिलिट्री-ग्रेड टेस्टिंग और सर्टिफिकेशन जैसी वास्तविक रक्षा जरूरतों पर काम करने के लिए तैयार हों, उनको संख्या बेहद कम है। रक्षा क्षेत्र लगातार नए और चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में विस्तार कर रहा है, इसमें ड्रोन के अतिरिक्त डिफेंस रोबोटिक्स, जैसे ह्यूमनॉइड रोबोट और स्वतः चलने वाले नौसैनिक जहाज भी शामिल हैं। सेना के सुरक्षित संचार-संवाद के लिए क्वांटम कंप्यूटिंग पर भी खूब काम हो रहा है।
करिअर का रोडमैप
डिफेंस टेक्नोलॉजी में कंप्यूटर, साइबर सुरक्षा, एआई, रोबोटिक्स, डिजाइन, इलेक्ट्रॉनिक्स, मटेरियल साइंस और मैनेजमेंट के छात्रों के लिए अवसर बनते हैं। 12वीं में मैथ्स, फिजिक्स, कंप्यूटर साइंस या आईटी का चयन आगे की पढ़ाई की नींव रखता है। इसके बाद इंजीनियरिंग, कंप्यूटर साइंस, आईटी, एयरोस्पेस, इलेक्ट्रॉनिक्स, मैकेनिकल या साइबर सिक्योरिटी जैसी डिग्रियां इस सेक्टर में प्रवेश का रास्ता खोलती हैं। डाटा, सॉफ्टवेयर और साइबर सुरक्षा में रुचि रखने वाले छात्र बीसीए, बीएससी आईटी या एआई/एमएल कोर्स के जरिए डिफेंस प्रोजेक्ट्स से जुड़ सकते हैं। डिजाइन, यूआई/यूएक्स, एनिमेशन और प्रोजेक्ट मैनेजमेंट के विशेषज्ञ डिफेंस सिस्टम और ड्रोन इंटरफेस के विकास में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
डीआरडीओ, इसरो, एचएएल और कई निजी कंपनियां इंटर्नशिप का मौका देती हैं।
अपस्किलिंग के लिए मंच एनपीटीईएल, आईआईटी, एआईसीटीई, इसरो ई-लर्निंग, डीआरडीओ ट्रेनिंग प्रोग्राम, स्किल इंडिया, कोर्सेरा, उडेमी और एडेक्स जैसे मंच ऐसे कोर्स उपलब्ध कराते हैं, जिनके जरिए छात्र साइबर सुरक्षा, ड्रोन टेक्नोलॉजी एआई एमएल, रोबोटिक्स और इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम, मिसाइल टेक्नोलॉजी, रडार सिस्टम और उपग्रह संचार, श्री-डी डिजाइन जैसे महत्वपूर्ण कौशल सीख सकते हैं।
रोजगार के दो प्रमुख रास्ते
डिफेंस टेक्नोलॉजी में करिअर बनाने के दो मुख्य रास्ते हैं: सरकारी और निजी क्षेत्र। सरकारी सेक्टर में डीआरडीओ, इसरो, एचएएल, बीईएल, बीडीएल, एनपीओएल, एआरडीई और सेना की तकनीकी शाखाओं में गेट परीक्षा, लिखित परीक्षा या इंटरव्यू के जरिए भर्ती होती है। वहीं, टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स, एलएंडटी डिफेंस, भारत फोजं, महिंद्रा डिफेंस, डाटा पैटर्न और ड्रोन स्टार्टअप्स जैसे निजी संस्थान सीधे रोजगार के अवसर दे रहे हैं, जहां उम्मीदवार अपने कौशल के अनुसार रास्ता चुन सकते हैं।
अनुमानित वेतनः- इस क्षेत्र में शुरुआती वेतन 4-8 लाख रुपये सालाना होता है, जो अनुभव के साथ 12-20 लाख तक पहुंच सकता है। डीआरडीओ, इसरो और पीएसयू में वरिष्ठ पदों पर 25-40 लाख, जबकि निजी डिफेंस कंपनियों और स्टार्टअप्स में इससे अधिक पैकेज भी संभव है।
डिफेंस सेक्टर में स्टार्टअप क्रांति
सरकार की नीतियों और बढ़ती मांग ने घरेलू ड्रोन और रक्षा सामग्री संबंधी स्टार्टअप्स के लिए अवसर बढ़ा दिए, जिससे नए प्रोजेक्ट्स और नौकरियों की संख्या भी बढ़ी है। भारत में डिफेंस-टेक के 1,000 से भी ज्यादा स्टार्टअप्स सक्रिय हैं, जो ड्रोन से लेकर अंडरवॉटर डिवाइसेस और एआई सेंसर सिस्टम तक विकसित कर रहे हैं। उदाहरण के तौर पर आइडियाफोर्ज उन्नत मानवरहित हवाई वाहन यानी द्रोन बनाता है। इसी तरह न्यू स्पेस, टॉरस रोबोटिक्स, आईरोव, बिंग बैंग बूम सॉल्यूशंस और क्रॉनएआई जैसे स्टार्टअप्स समुद्र से लेकर डीपटेक और डाटा आधारित प्रणालियों, रोबोटिक्स सिस्टम पर काम कर रहे है। इस सेक्टर में 2025 में लगभग 564 करोड़ रुपये निवेश किया गया। जाहिर है कि रक्षा समाधान तकनीकों पर काम बढ़ेगा। इस तरह डिफेंस टेक सेक्टर करिअर व रोजगार का एक बड़ा केंद्र बन रहा है।
प्रमुख संस्थान
- डीआईएटी, पुणे (डीआरडीओ के तहत, पीजी और पीएचडी स्पेशलाइजेशन), आईआईएईआईटी, पुणे (यूजी एवं पीजी कोर्स, आईआईटी, कानपुर:-
- एआईडीएसएस, नोएडा बीटेक कोर्स के लिए स्पेस सीईटी, जेईई मेन / एडवांस या संस्थान की प्रवेश परीक्षा। पीजी के लिए गेट स्कोर।
- डिफेंस रिसर्च साइंटिस्ट, एअरोस्पेस डिफेंस इंजीनियर, साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट की ज्यादा मांग।
मैट्रिक–इंटर पास युवाओं के लिए सरकारी नौकरी का सुनहरा मौका
भारत का रक्षा क्षेत्र अब केवल सीमाओं की सुरक्षा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह रोजगार, तकनीक और स्टार्टअप का एक बड़ा केंद्र बन चुका है। ड्रोन टेक्नोलॉजी, साइबर सिक्योरिटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग और रिसर्च के विस्तार के साथ-साथ मैट्रिक और इंटर पास युवाओं के लिए भी बड़ी संख्या में सरकारी नौकरियों के अवसर पैदा हो रहे हैं।
रक्षा क्षेत्र में नौकरियों की मांग क्यों बढ़ रही है?
भारत सरकार की मेक इन इंडिया, आत्मनिर्भर भारत और डिफेंस कॉरिडोर जैसी नीतियों ने रक्षा उत्पादन को तेज़ी से बढ़ाया है। इसके कारण:
- नए डिफेंस स्टार्टअप्स की संख्या में वृद्धि
- DRDO, ISRO, HAL, BEL जैसी संस्थाओं में भर्ती
- सेना, वायुसेना और नौसेना में तकनीकी व गैर-तकनीकी पदों की मांग
मैट्रिक पास के लिए रक्षा क्षेत्र की सरकारी नौकरियां
मैट्रिक (10वीं) पास उम्मीदवारों के लिए रक्षा क्षेत्र में कई स्थायी और सम्मानजनक पद उपलब्ध हैं, जैसे:-
- भारतीय सेना में सैनिक (GD, ट्रेड्समैन)
- DRDO में मल्टी-टास्किंग स्टाफ (MTS)
- ऑर्डनेंस फैक्ट्री में ग्रुप-C पद
- कोस्ट गार्ड में नाविक (Domestic Branch)
इन पदों में चयन लिखित परीक्षा, फिजिकल टेस्ट और मेडिकल के आधार पर होता है।
इंटर पास उम्मीदवारों के लिए सुनहरा अवसर
12वीं पास युवाओं के लिए रक्षा क्षेत्र में और भी व्यापक अवसर उपलब्ध हैं:-
- भारतीय वायुसेना (Agniveer Vayu / Group X, Y)
- भारतीय नौसेना (SSR, AA, Agniveer Navy)
- DRDO तकनीकी सहायक / क्लर्क पद
- BSF, CISF, ITBP, CRPF में तकनीकी व लिपिक पद
नई तकनीक और डिफेंस स्टार्टअप्स में करियर
आज डिफेंस सेक्टर में केवल पारंपरिक नौकरियां नहीं, बल्कि नई-नई तकनीकों से जुड़े करियर भी उभर रहे हैं:-
- ड्रोन ऑपरेटर / ड्रोन टेक्नीशियन
- साइबर सिक्योरिटी असिस्टेंट
- AI और डेटा एनालिटिक्स सपोर्ट स्टाफ
- इलेक्ट्रॉनिक्स और मैकेनिकल टेक्नीशियन
सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त ट्रेनिंग संस्थानों से कोर्स करके युवा इन क्षेत्रों में आसानी से प्रवेश कर सकते हैं।
सैलरी और सुविधाएं
रक्षा क्षेत्र की नौकरियां न केवल स्थिर होती हैं, बल्कि इनमें:-
- आकर्षक वेतन (₹21,700 से ₹40,000+ प्रतिमाह)
- फ्री मेडिकल, पेंशन, कैंटीन सुविधा
- प्रमोशन और ट्रेनिंग के अवसर
- देश सेवा का गौरव
आवेदन कैसे करें?
अधिकांश भर्तियां ऑनलाइन माध्यम से होती हैं:-
- आधिकारिक वेबसाइट (Army, Navy, Air Force, DRDO)
- रोजगार समाचार
- राज्य/केंद्र सरकार के भर्ती पोर्टल
उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे फर्जी वेबसाइटों से बचें और केवल आधिकारिक नोटिफिकेशन के आधार पर ही आवेदन करें।
निष्कर्ष
रक्षा क्षेत्र आज मैट्रिक और इंटर पास युवाओं के लिए सरकारी नौकरी का सबसे मजबूत विकल्प बन चुका है। यदि आप भी देश सेवा के साथ एक सुरक्षित और सम्मानजनक करियर चाहते हैं, तो रक्षा क्षेत्र में उपलब्ध इन अवसरों को गंभीरता से अपनाएं।
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