बिहार बोर्ड मैट्रिक रिजल्ट 2026 | कम अंक वालो का अंक बढेगा |फेल होगें पास – बस करें ये काम

बिहार बोर्ड मैट्रिक रिजल्ट 2026

बिहार बोर्ड मैट्रिक रिजल्ट 2026- बिहार बोर्ड मैट्रिक रिजल्ट 2026 जारी कर दिया है। इस साल लाखों छात्रों ने 10वीं की परीक्षा दी थी और अब सभी छात्र अपने रिजल्ट को लेकर उत्साहित हैं। हालांकि कई छात्रों के अंक उम्मीद से कम आए हैं और कुछ छात्र एक या दो विषयों में फेल भी हो गए हैं। ऐसे में घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि बिहार बोर्ड छात्रों को दो बड़े विकल्प देता है स्क्रूटनी (Scrutiny / Rechecking) और कंपार्टमेंटल परीक्षा (Compartmental Exam)

इन दोनों प्रक्रियाओं के माध्यम से छात्र अपने अंक बढ़ा सकते हैं या फेल होने पर भी पास हो सकते हैं। नीचे इन दोनों विकल्पों के बारे में पूरी जानकारी दी गई है।

अगर किसी छात्र को लगता है कि उसके नंबर कम दिए गए हैं या कॉपी सही से जांच नहीं हुई है, तो वह स्क्रूटनी के लिए आवेदन कर सकता है। स्क्रूटनी में क्या होता है:

  • उत्तर पुस्तिका को फिर से जांचा जाता है
  • कहीं कोई सवाल छूट गया हो तो नंबर जोड़े जाते हैं
  • टोटलिंग (Total Marks) की जांच की जाती है
  • गलत मार्किंग को सुधारा जाता है

अगर जांच में गलती मिलती है तो छात्र के नंबर बढ़ भी सकते हैं।

स्क्रूटिनी का मतलब होता है उत्तरपुस्तिका की दोबारा जांच। इसमें कॉपी को फिर से पूरी तरह से नहीं जांचा जाता बल्कि कुछ विशेष बिंदुओं पर पुनः सत्यापन किया जाता है। अगर किसी छात्र को लगता है कि उसके अंक कम आए हैं या किसी प्रश्न का मूल्यांकन ठीक से नहीं हुआ है, तो वह स्क्रूटिनी के लिए आवेदन कर सकता है।

कंपार्टमेंटल परीक्षा (Compartmental Exam) उन छात्रों के लिए आयोजित की जाने वाली एक विशेष परीक्षा है, जो मुख्य बोर्ड परीक्षा के एक या दो विषयों में फेल हो जाते हैं। इसे ‘सप्लीमेंट्री परीक्षा’ (Supplementary Exam) भी कहा जाता है। इस परीक्षा का मुख्य उद्देश्य छात्रों को अपना शैक्षणिक वर्ष (Year) बचाने का मौका मिलता है बिना पूरे विषयों को दोबारा पढ़े, उसी साल पास होने का एक और मौका देना है।

कम्पार्टमेंट आवेदन शुरू  01 अप्रैल
फॉर्म की आखिरी तिथि07 अप्रैल 2026
कम्पार्टमेंट परीक्षा तिथिमई 2026
परीक्षा शुल्कसामान्य श्रेणी: ₹1010
आरक्षित श्रेणी : ₹895

बिहार बोर्ड द्वारा इंटरमीडिएट परीक्षा का रिजल्ट जारी होने के बाद जिन विद्यार्थियों को लगता है कि उनके उम्मीद से कम अंक आए हैं, वे स्क्रूटनी (Scrutiny) के लिए आवेदन कर सकते हैं। स्क्रूटनी के माध्यम से छात्र अपनी उत्तर पुस्तिका की दोबारा जांच करवा सकते हैं। बिहार बोर्ड ने अपने आधिकारिक नोटिफिकेशन में साफ कहा है कि स्क्रूटनी के बाद छात्रों के अंक बढ़ भी सकते हैं, घट भी सकते हैं या फिर पहले जैसे ही रह सकते हैं। यानी यदि कॉपी जांच के दौरान किसी प्रश्न का अंक जोड़ना छूट गया हो या टोटलिंग में गलती हुई हो तो अंक बढ़ सकते हैं। वहीं अगर पहले गलती से ज्यादा अंक मिल गए हों तो अंक कम भी हो सकते हैं।

हालांकि पिछले कई सालों के ट्रेंड को देखें तो अधिकांश मामलों में विद्यार्थियों के अंक या तो बढ़ जाते हैं या फिर पहले जितने थे उतने ही रहते हैं। बहुत कम मामलों में अंक घटते हैं। इसलिए जिन छात्रों को लगता है कि उन्होंने परीक्षा में अच्छा लिखा था लेकिन कम अंक मिले हैं, उन्हें स्क्रूटनी के लिए आवेदन जरूर करना चाहिए। इससे कॉपी की दोबारा सही तरीके से जांच हो जाती है और अगर कोई गलती होती है तो उसे सुधार दिया जाता है।

  • स्क्रूटनी से अंक कम भी हो सकते हैं और बढ़ भी सकते हैं
  • स्क्रूटनी के लिए प्रत्येक विषय का अलग शुल्क देना होता है
  • कंपार्टमेंटल परीक्षा केवल फेल विषयों के लिए होती है
  • दोनों प्रक्रियाओं की जानकारी बिहार बोर्ड की वेबसाइट पर जारी की जाती है

बिहार बोर्ड मैट्रिक परीक्षा 2026 का रिजल्ट जारी- यहाँ देखें अपना मार्कशीट

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