एसबीआई में रिलेशनशिप मैनेजर बनने के लिए ऐसे करें तैयारी- सिलेबस परीक्षा पैटर्न

एसबीआई में रिलेशनशिप मैनेजर बनने के लिए ऐसे करें तैयारी- सिलेबस परीक्षा पैटर्न

एसबीआई में रिलेशनशिप मैनेजर बनने के लिए ऐसे करें तैयारी- सिलेबस परीक्षा पैटर्न:-अगर आप बैंकिंग सेक्टर में एक प्रतिष्ठित, हाई-प्रोफाइल और हाई-सैलरी जॉब की तलाश में हैं, तो SBI Relationship Manager (RM) आपके लिए एक बेहतरीन अवसर हो सकता है। यह पद खासतौर पर Wealth Management और High Net Worth Individual (HNI) Clients के लिए होता है, जहां अनुभव और प्रोफेशनल स्किल्स को सबसे ज्यादा महत्व दिया जाता है।

  • चयन प्रक्रिया
  • परीक्षा पैटर्न
  • इंटरव्यू सिलेबस
  • तैयारी कैसे करें
  • सैलरी और करियर ग्रोथ

भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) में स्पेशलिस्ट कैडर ऑफिसर के रूप में वाइस प्रेसिडेंट वेल्थ (सीनियर रिलेशनशिप मैनेजर) की नौकरी वर्तमान में बैंकिंग और फाइनेंस सेक्टर के सबसे ग्लैमरस और चुनौतीपूर्ण भूमिका में गिनी जा रही है। यह सिर्फ एक प्रबंधकीय पद नहीं, बल्कि हाई नेटवर्थ और अल्ट्रा हाई नेटवर्थ ग्राहकों की पूरी वित्तीय जिंदगी को दिशा देने वाली जिम्मेदारी है। ऐसे में स्वाभाविक है कि इस पद के लिए चयन प्रक्रिया पारंपरिक लिखित परीक्षा से अलग और पूरी तरह प्रोफेशनल क्षमता, अनुभव और साक्षात्कार पर केंद्रित रखी गई है। साक्षात्कार में आपकी ताकतें, कमजोरिया, संस्थान के बारे में जानकारी और आप यह नौकरी क्यों चाहते हैं, जैसे प्रश्न होते हैं, जो आपके व्यक्तित्व और कौशल का आकलन करते हैं। यहां दिए गए कुछ टिप्स आपको तैयारी करने में मदद करेंगे…

पहला, एप्लिकेशन आधारित शॉर्टलिस्टिंग और दूसरा, इंटरव्यू। यहां किसी भी तरह की पारंपरिक ऑनलाइन प्रारंभिक या मुख्य लिखित परीक्षा नहीं रखी जाती। यानी उम्मीदवारों को बुकलेट टाइप ऑब्जेक्टिव पेपर, कटऑफ और नेगेटिव मार्किंग जैसी चिंता से तो राहत है, लेकिन इसके बदले रिज्यूमे, अनुभव और इंटरव्यू परफॉर्मेंस की जिम्मेदारी कई गुना बढ़ जाती है।

डिग्री, स्पेशलाइजेशन, एनआईएसएम, सीएफपी, सीएफए जैसे प्रोफेशनल सर्टिफिकेशन, वेल्थ मैनेजमेंट में काम के साल, हैंडल किए गए हाई नेटवर्थ क्लाइंट्स की संख्या व एसेट अंडर मैनेजमेंट (एयूएम) जैसे मानकों पर प्रोफाइल को परखा जाता है। इसके चाद सीमित संख्या में उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए बुलाया जाता है।

आम तौर पर इंटरव्यू मुंबई, दिल्ली, कोलकाता, चेन्नई, हैदराबाद या अन्य बड़े शहरों के निर्धारित सेंटर्स पर आयोजित होते हैं। कॉल लेटर पर दर्ज रिपोर्टिंग टाइम और इंस्ट्रक्शंस ही अंतिम माने जाते हैं, इसलिए उम्मीदवारों के लिए, इन्हें ध्यान से पढ़ना अनिवार्य हो जाता है।

वीपी वेल्थ (एसआरएम) के लिए कोई भी ऑनलाइन लिखित परीक्षा नहीं होती। पहले चरण को ही अगर परीक्षा माना जाए, तो वह पूरी तरह आपकी प्रोफेशनल जनीं का मूल्यांकन है। आपने क्या पड़ा, क्या सीखा, किस तया के क्लाइंट्स संभाले और किस स्तर तक बिजनेस डिलीचर किया।

  • क्या उम्मीदवार के पास ग्रेजुएशन के साथ उपयुक्त मैनेजमेंट या फाइनेंस पृष्ठभूमि है?
  • क्या उसने धन/निवेश/निजी बैंकिंग सेक्टर में पर्याप्त समय काम किया है?
  • क्या उसके पास ऐसी प्रोफेशनल सर्टिफिकेशन हैं जो क्लाइंट फेसिंग रोल में भरोसा बढ़ाती हों?
  • क्या उसके रिज्यूमे से टार्गेट-डिवन और परिणाम-उन्मुख कामकाज की झलक मिलती है?

यहीं से साफ हो जाता है कि इस पद के लिए तैयारी का पहला कदम कोई किताच नहीं, बल्कि अपना खुद का करियर-प्रोफाइल है, जिसे व्यवस्थित, डेटा समर्थ और प्रभावी बनाना ही प्रारंभिक परीक्षा पास करने जैसा है।

लेकिन इस परीक्षा की तैयारी करते समय दो अदृश्य विषयों पर पकड़ मजबूत करना बेहद जरूरी है कम्युनिकेशन (विशेषकर अंग्रेजी) और फाइनेंशियल कैलकुलेशन। इंटरव्यू में इन्हीं के जरिए आपकी वास्तविक क्षमता सामने आती है।

क्लाइंट फेसिंग है। उम्मीदवार से उम्मीद की जाती है कि वह कॉर्परिट क्लाइंट, विजनेस फैमिली या प्रोफेशनल हाई नेटवर्थ क्लाइंट्स के सामने म्यूचुअल फंड, बॉन्ड, इंश्योरेंस या स्ट्रक्चर्ड प्रोडक्ट जैसे जटिल टूल की बहुत सरल, स्पष्ट और आत्मविश्वास के साथ समझा सके। रोजाना इंग्लिश बिजनेस अखबार या फाइनेंशियल पोर्टल पढ़ना, छोटे-छोटे नोट्स बनाना और अपने ही शब्दों में इन्हें बोलकर दोहराना, इस तैयारी का मजबूत आधार हो सकता है।

एसआईपी रिटर्न, सीएजीआर, पोर्टफोलियो रिटर्न, टैक्स-इफेक्ट, एसेट एलोकेशन जैसे कांसेप्ट्स पर कमांड होना बहुत जरूरी है। यदि आप किसी क्लाइंट के सामने 15 साल बाद उसकी रिटायरमेंट कॉर्पस का अनुमान बिना घबराहट, साफ लॉजिक और भरोसे के साथ बता सकें, तो समझिए आपने इस छिपी हुई परीक्षा का बड़ा हिस्सा फतह कर लिया।

अक्सर यह इंटरव्यू 100 अंकों के आसपास का माना जाता है, जिसमें टेक्निकल नॉलेज, बिजनेस अंडरस्टैंडिंग और बिहेवियरल स्किल्स तीनों को बराबर तवज्जो दी जाती है। यहां पूछा गया हर सवाल सिर्फ जानकारी नहीं, बल्कि आपके निर्णय, नैतिकता और रिलेशनशिप-विल्डिंग स्टाइल की झलक भी तलाशता है।

किसी नए हाई नेटवर्थ क्लाइंट का रिस्क प्रोफाइल आप कैसे तय करेंगे। यहां महज लो, मीडियम, हाई जैसे शब्द काफी नहीं, बल्कि यह बताना होगा कि पूछताछ, फाइनेंशियल डेटा, फैमिली स्ट्रक्चर और फ्यूचर गोल्स से आप किस तरह निष्कर्ष पर पहुंचते हैं। किसी मार्केट गिरावट की स्थिति में आप क्लाइंट से क्या कहते, कैसे पैनिक से चचाते और पोर्टफोलियो को री-बैलेंस करते हैं।

क्या आप टार्गेट-ड्रिवन माहौल में काम कर पाएंगे। कठिन क्लाइंट को कन्वर्ट करने का अनुभव, क्रॉस सेलिंग की आपकी शैली और टीम के साथ मिलकर बिजनेस बढ़ाने की रणनीति जैसे सवाल आपकी सेल्सओरिएंटेड सोच को सामने लाते हैं।

इंटरव्यूकी तैयारी के लिए सबसे असरदार तरीका केस स्टडी है। किताबों से सिर्फ कॉन्सेप्ट आएंगे, लेकिन इंटरव्यू में आपको अपने असली अनुभवों की जरूरत पड़ेगी। इसलिए जी भी उम्मीदवार पहले से बैंक, ब्रोकिंग हाउस या वेल्थ फर्म में हैं, उन्हें अपने कामकाज के आठ से दस मजबूत केस स्टडी तैयार करनी चाहिए।

  • इनकेस स्टडीज को अगर आप स्टार फॉर्मिट (स्थिति-कार्य क्रिया-परिणाम में तैयार कर लें, तो इंटरव्यू के अधिकांश सवालों के उत्तर इन्हीं से निकाले जा सकते हैं।
  • माँक इंटरव्यू सेशन कराकर बाँडी लैंग्वेज, आंखें मिलाकर बात करने की आदत और जवाबों की स्पष्टता पर काम करना भी अत्यंत उपयोगी साबित होता है। इसका अभ्यास अधिक से अधिक करना चाहिए।

सबसे पहले दरतावेजों की जांच की जाती है। डिग्री, मार्कशीट, अनुभव प्रमाण-पत्र आदि बारीकी से देखे जाते हैं। यहां किसी भी तरह की विसंगति आपके चयन पर सवाल खड़े कर सकती है, इसलिए दस्तावेजों की तैयारी पहले से कर लें। इसके बाद बैंक के मानकों के अनुसार मेडिकल परीक्षण की प्रक्रिया होती है। उच्च पदों पर लंबे समय तक काम करने के लिए शारीरिक और मानसिक फिटनेस दोनों का ध्यान रखा जाता है। अंत में, सभी औपचारिकताएं पूरी होने पर नियुक्ति पत्र जारी होता है।

  1. अपना रिज्यूमे डेटा ड्रियन बनाएं एसेट अंडर मैनेजमेंट (एयूएम). क्लाइंट संख्या, टार्गेट अचीवमेट जैसे ठोस आंकड़े जरूर जोड़ें।
  2. रोज कम से कम आधा-एक घंटा सिर्फ मार्केट न्यूज और प्रोडक्ट अपडेट पर दें: पुरानी जानकारी से वेल्थ इंटरव्यू पास नहीं होता।
  3. दो-तीन मॉक इंटरव्यू कराकर अपने जवाब रिकॉर्ड करें और खुद सुनें। आप महसूस करेंगे कि कहां फालतू बोल रहे है, कहां कम।
  4. एक ही प्रोडक्ट को अलग-अलग तरह के क्लाइंट (युवा प्रोफेशनल, रिटायर्ड, बिजनेस फैमिली) को कैसे पेश करना है, इसका अभ्यास करें।
  5. इंटरव्यू के दिन के लिए कागज, ड्रेस और ट्रैवल प्लान पहले से तय रखें, आखिरी वक्त की अफरा-तफरी आपकी सालों की तैयारी पर भारी पड़ सकती है।
  • Overconfidence से बचें
  • Honest और Practical जवाब दें
  • Client-centric सोच दिखाएं
  • Ethics और Sales का Balance बताएं
  • SBI को Long-Term Career विकल्प बताएं

SBI Relationship Manager एक Prestigious और High Growth Career Option है, खासकर उन उम्मीदवारों के लिए जिनके पास Banking, Finance या Wealth Management का अनुभव है। चूंकि इसमें कोई लिखित परीक्षा नहीं होती, इसलिए सही रणनीति और मजबूत इंटरव्यू तैयारी से आप इस पद को आसानी से हासिल कर सकते हैं।

अगर आप समय रहते तैयारी शुरू करते हैं, तो यह नौकरी आपके करियर को नई ऊंचाई दे सकती है।

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