यूपी पुलिस में कांस्टेबल बनने के लिए ऐसे करें तैयारी- एक सिट आपका होगा:-यूपी पुलिस कांस्टेबल भर्ती लाखों युवाओं का सपना होती है। प्रतिस्पर्धा कड़ी होती है, इसलिए सिर्फ पढ़ाई ही नहीं, बल्कि फिटनेस और सही रणनीति भी उतनी ही जरूरी है।
नीचे एक प्रैक्टिकल और एग्जाम-ओरिएंटेड गाइड दी जा रही है, जिसे फॉलो करने पर आपकी सफलता की संभावना काफी बढ़ जाती है।
यूपी पुलिस में कांस्टेबल भर्ती परीक्षा के लिए पढ़ाई के साथ फिटनेस भी जरूरी
उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड पुलिस कांस्टेबल की बंपर भर्तियां करने जा रहा है। यदि 12वीं पास हैं तो आप भी इसमें नौकरी पा सकते हैं। इस भर्ती के लिए लिखित परीक्षा भी आयोजित की जाती है। यह परीक्षा उन अभ्यर्थियों के लिए अधिक चुनौतीपूर्ण होती है जो पहली बार आवेदन कर रहे हैं। इस परीक्षा में सफल होने के लिए कड़ी मेहनत और नियमित अध्ययन की आवश्यकता होती है। लिखित परीक्षा की तिथि अभी तय नहीं है, इसलिए अभ्यर्थियों के पास तैयारी के लिए पर्याप्त समय है। परीक्षा में सफल होने के लिए अभ्यर्थियों को नियमित अध्ययन के साथ फिटनेस पर ध्यान देना होगा। यहां बताए जा रहे कुछ टिप्स आपको परीक्षा की तैयारी करने में मदद करेंगे…
विषयवार करें परीक्षा की तैयारी
यूपी पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा की तैयारी शुरू करने से पहले पाठ्यक्रम को जानने और समझने पर जोर दिया जाता है। दरअसल, पाठ्यक्रम को कोर्स प्लानिंग टूल भी कहा जाता है यानी इसकी मदद से किसी भी कोर्स की रूपरेखा तय करने में मदद मिलती है। पाठ्यक्रम के अनुसार तैयारी करने से कोर्स का कोई भी हिस्सा छूटता नहीं है और तैयारी अच्छे तरीके से हो जाती है। विषयवार तैयारी युक्तियां इस प्रकार है….
1. सामान्य ज्ञान (जनरल नॉलेज)
यह सेक्शन सामान्य ज्ञान के साथ समसामयिक मामलों पर आपकी पकड़ का परीक्षण करता है। इस विषय में अधिक अंक पाने के लिए प्रतियोगी पुस्तकें और एनसीईआरटी की किताबें पढ़ें। समसामयिक मामलों, आर्थिक और वित्तीय जागरूकता, सरकारी योजनाओं और हालिया घटनाक्रमों पर ध्यान दें। नियमित समाचार पत्र पढ़ें और न्यूज चैनल्स देखें। कंप्यूटर को बुनियादी जानकारी होना भी जरूरी है।
2. सामान्य हिंदी (जनरल हिंदी)
परीक्षा के लिए हिंदी भाषा की जानकारी होना बेहद आवश्यक है। हिंदी के प्रश्नों को हल करने के लिए व्याकरण की सही समझ जरूरी है। शब्दावली और भाषा की समझ को बेहतर बनाने के लिए समाचार पत्रों, पत्रिकाओं या किसी अन्य स्रोत को पढ़ना शुरू करें। व्याकरण के नियमों को सीखें और उनकी समीक्षा करें।
3. संख्यात्मक एवं मानसिक योग्यता
परीक्षा में अपना श्रेष्ठतम देने के लिए संख्यात्मक क्षमता में निपुण होना अति आवश्यक है। परीक्षा में इस सेक्शन से प्रश्न प्रतियोगी की संख्याओं के साथ उसके कौशल व जानकारी होने की क्षमता जांचने के उद्देश्य से तैयार किए जाते हैं। इस क्षेत्र में अपना स्कोर सुधारने के लिए प्रासंगिक सूत्रों, कुछ शॉर्टकट तकनीकों आदि को याद रखना आवश्यक है।
4. मानसिक अभिरूचि, बुद्धिलब्धि-तार्किक क्षमता
किसी परिस्थिति का आकलन करना और उचित परिणाम निकालना तार्किक तर्क कहलाता है। इस सेक्शन का मूल लक्ष्य किसी उम्मीदवार की पैटर्न, संख्यात्मक अनुक्रम, कनेक्शन और रूपों को समझने की क्षमता का आकलन करना है। इस क्षेत्र में प्रश्नों को हल करने के लिए विश्लेषणात्मक कौशल की जरूरत होती है
ये होगा पाठ्यक्रम
सामान्य ज्ञान (जनरल नॉलेज)
सामान्य-विज्ञान, भारत का इतिहास, भारतीय संविधान, भारतीय अर्थव्यवस्था एवं संस्कृति, भारतीय कृषि, वाणिज्य एवं व्यापार, जनसंख्या, पर्यावरण एवं नगरीकरण, भारत का भूगोल, विश्व भूगोल एवं प्राकृतिक संसाधन, उप्र की शिक्षा संस्कृति और सामाजिक प्रथाओं के संबंध, विशिष्ट जानकारी, उप्र में राजस्व, पुलिस व सामान्य प्रशासनिक व्यवस्था, मानवाधिकार, आंतरिक सुरक्षा तथा आतंकवाद, भारत और उसके पड़ोसी देशों के बीच संबंध, राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय महत्व के समसामयिक विषय, राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय संगठन, विमुद्रीकरण और उसका प्रभाव,साइबर काइम, वस्तु एवं सेवाकर, पुरस्कार और सम्मान, देश/राजधानी/ मुद्राएं, महत्वपूर्ण दिवस, अनुसंधान एवं खोज, पुस्तक और उनके लेखक, सोशल मीडिया।
सामान्य हिंदी (जनरल हिंदी)
हिंदी और अन्य भारतीय भाषाएं, हिंदी व्याकरण का मौलिक ज्ञान, हिंदी वर्णमाला, तद्भव-तत्सम, पर्यायवाची, विलोम, अनेकार्थक, वाक्यांशों के स्थान पर एक शब्द, समरूपी भिन्नार्थक शब्द, अशुद्ध वाक्यों को शुद्ध करना, लिंग, वचन, कारक, सर्वनाम, विशेषण, क्रिया, काल, वाच्य, अव्यय, उपसर्ग, प्रत्यय, संधि, समास, विराम चिह्न, मुहावरे एवं लोकोक्तियां, रस, छंद, अलंकार, अपठित बोध, प्रसिद्ध कवि, लेखक एवं उनकी प्रसिद्ध रचनाएं, विविध।
संख्यात्मक एवं मानसिक योग्यता (न्यूमेरिक एंड मॅटल एबिलिटी)
संख्या पद्धति, सरलीकरण, दशमलव भिन्न, महत्तम समापवर्तक, लघुत्तम समापवर्तक, अनुपात और समानुपात, प्रतिशतता, लाभ और हानि, छूट, साधारण व्याज, चक्रवृद्धि ब्याज, भागीदारी, औसत, समय और कार्य, समय और दूरी, सारणी और ग्राफ का प्रयोग, मेंसुरेशन, अंकगणितीय संगणना व अन्य विश्लेषणात्मक कार्य, विविध। तार्किक आरेख, संकेत संबंध विश्लेषण, प्रत्यक्ष ज्ञान बोध, शब्द रचना परीक्षण, अक्षर और संख्या श्रृंखला, शब्द और वर्णमाला में आंशिक समरूपता, व्यावहारिकज्ञान परीक्षण, दिशा ज्ञान, आंकड़ों का तार्किक विश्लेषण, प्रभावी तर्क, अंतर्निहित भावों का विनिश्चय करना।
(मेंटल एप्टीट्यूड, आईक्यू एंड रीजनिंग एबिलिटी)
संबंध व आंशिक समानता परीक्षण, असमान को चिह्नित करना, श्रृंखला पूरी करने का परीक्षण, संकेत लिपि और सांकेतिक लिपि को समझना, दिशा ज्ञान परीक्षण, रक्त संबंध, वर्णमाला पर आधारित प्रश्न, समय क्रम परीक्षण, वेन आरेख और चार्ट सदृश परीक्षण, गणितीय योग्यता परीक्षण, क्रम में व्यवस्थित करना, समरूपता, समानता, भिन्नता, खाली स्थान भरना, समस्या को सुलझाना, विश्लेषण निर्णय, निर्णायक क्षमता, दृश्य स्मृति, विभेदन क्षमता, पर्यवेक्षण, संबंध, अवधारणा, अंकगणितीय तर्क, शब्द और आकृति वर्गीकरण, अंकगणितीय संख्या श्रृंखला।
ये टिप्स भी अपनाएं
1. परीक्षा पैटर्न को समझें
परीक्षा की तैयारी शुरू करने से पहले परीक्षा पैटर्न की जानकारी होना आवश्यक है। यही बात इस परीक्षा की तैयारी में भी लागू होती है। परीक्षा पैटर्न को समझकर ही परीक्षा की तैयारी की शुरू करनी चाहिए। क्योंकि किस विषय से कितने प्रश्न पूछे जाएंगे, इसकी जानकारी परीक्षा पैटर्न की समझकर ही प्राप्त होगी। इसके बाद विषयों को उनके महत्व के अनुसार व्यवस्थित करें। परीक्षा की तैयारी में उन अध्यायों को अवश्य पढ़े, जो प्रासंगिक हैं।
2 अध्ययन योजना बनाएं
परीक्षा में उच्च्च स्तर की प्रतिस्पधों होती है, इसलिए कॉम्पटीशन में आगे रहने के लिए अभ्यर्थियों को एक प्रभावी अध्ययन योजना बनाना आवश्यक है। आपकी तैयारी के लिए जितना भी समय मिला हो उसे योजनाबद्ध तरीके से इस्तेमाल करें, ताकि आप परीक्षा से पहले अपने पाठ्यक्रम को पूरा कर सकें। क्या पढ़ना है, क्या दोहराना है और क्या अभ्यास करना है, इसके लिए एक समय सारिणी बनाकर तैयारी की योजना बनाएं।
3 संक्षिप्त नोट्स बनाएं
विना उचित नोट्स बनाए सिलेबस को गुणवता के साथ कवर नहीं किया जा सकता है। परीक्षा से पहले रिवीजन के समय संक्षिप्त नोट्स आपकी मदद करते हैं, इसलिए पुस्तकें पढ़ने के बाद महत्वपूर्ण अवधारणाओं के लिए संक्षिप्त नोटस बनाएं। नोट्स एक उचित प्रारूप में बनाए जाने चाहिए ताकि इसे याद रखना और पुनः प्रस्तुत करना आसान हो। नोट्स बहुत भारी नहीं होने चाहिए, इसलिए नोट्स का उद्देश्य हमेशा ध्यान में रखना चाहिए।
4 सीमित अध्ययन सामग्री रखें
नई अध्ययन सामग्री या किताब से विचलित न होना काफी महत्वपूर्ण हो सकता है। परीक्षा के सभी सेक्शन के पाठ्यक्रम को कवर करने के लिए सही अध्ययन सामग्री चुननी होगी। क्योंकि पुस्तकें आपको सही दिशा में निर्देशित करती है, साथ ही परीक्षा की तैयारी बेहतर ढंग से करने में आपकी मदद करती है। संपूर्ण पाठ्यक्रम को कवर करने के लिए अनुशंसित पुस्तकों, सबसे महत्वपूर्ण रूप से एनसीईआरटी की पुस्तकों का उपयोग करें।
5 पिछले वर्ष के प्रश्न पत्रों को हल करें
परीक्षा की तैयारी का एक अच्छा तरीका यह भी है कि अभ्यर्थी यूपी पुलिस के पिछले वर्ष के प्रश्न पत्रों को हल करें। इससे अभ्यास होगा साथ ही परीक्षा का अंदाजा हो जाता है कि किस तरह के प्रश्न पूछे जाते हैं और किन टॉपिक से ज्यादा प्रश्न पूछे जाते हैं। इसके अलावा कौन से टॉपिक ऐसे हैं जिनसे कम प्रश्न आते हैं। एक तरह से इससे अच्छा आईडिया मिल जाता है और आप परीक्षा में अच्छा परफॉर्म कर सकते हैं।
6 नियमित रिवीजन करें
रिवीजन परीक्षा की तैयारी का एक बहुत ही महत्वपूर्ण हिस्सा है। जो अभ्यर्थी परीक्षा से पहले कई बार सभी विषयों का रिवीजन पूरा कर लेता है, वह बहुत अच्छा स्कोर प्राप्त कर सकता है। इसलिए सलाह दी जाती है कि परीक्षा की तैयारी के लिए महत्वपूर्ण सभी विषयों का अध्ययन करने के बाद उन्हें रिवाइज करें। नियमित रिवीजन आपको उन अवधारणाओं को लंबे समय तक याद रखने में मदद करता है जिनका आपने अध्ययन किया है।
7 फिजिकल की तैयारी भी जरूरी
पुलिस में चयन के लिए लिखित परीक्षा तो जरूरी होती ही हैं, इसके साथ-साथ फिजिकल टेस्ट भी जरूरी होता है। यदि आप लिखित परीक्षा पास कर लेते हैं, लेकिन फिजिकल पास नहीं कर पाते तो पुलिस में आपका सिलेक्शन नहीं होगा। इसीलिए लिखित परीक्षा के साथ-साथ फिजिकल की तैयारी भी नियमित रूप से करते रहना चाहिए।
परीक्षा का प्रारूप
लिखित परीक्षा कुल 300 अंकों की होगी, जिसमे 150 प्रश्न बहुविकल्पीय प्रकार के होंगे।
- प्रश्नपत्र में सामान्य ज्ञान, सामान्य हिंदी, संख्यात्मक एवं मानसिक योग्यता और मानसिक अभिरुचि, बुद्धिलब्धि एवं तार्किक क्षमता से प्रश्न होंगे।
- परीक्षा की अवधि 02 घंटे होगी। परीक्षा में नकारात्मक अंकन नहीं होगा।
- लिखित परीक्षा में सफल उम्मीदवारों को दस्तावेज सत्यापन एवं शारीरिक मानक परीक्षण के लिए बुलाया जाएगा।
न्यूनतम शारीरिक मापदंड
- लंबाई (पुरुष): न्यूनतम 168 सेंटीमीटर। (यूपी के एसटी वर्ग के लिए 160 सेंटीमीटर)
- सीना (पुरुष): न्यूनतम 79 सेंटीमीटर (यूपी के एसटी वर्ग के लिए 77 सेंटीमीटर) 5 सेंटीमीटर फुलाव हो।
- लंबाई (महिला): न्यूनतम 152 सेंटीमीटर। (यूपी के एसटी वर्ग के लिए 147 सेंटीमीटर)
- वजन (महिला) न्यूनतम 40 किलोग्राम।
शारीरिक दक्षता परीक्षा
- पुरुष अभ्यर्थियों को 4.8 किलोमीटर की दौड़ 25 मिनट में पूरी करनी होगी।
- महिला अभ्यर्थियों को 2.4 किलोमीटर की दौड़ 14 मिनट में पूरी करनी होगी।
- यह परीक्षा क्वालिफाइंग प्रकृति की होगी. इसके अंक नहीं जोड़ जाएंगे।
- चयन प्रक्रियाः लिखित परीक्षा, दस्तावेज सत्यापन, शारीरिक मानक परीक्षण, शारीरिक दक्षता परीक्षा, चिकित्सा परीक्षण के आधार पर चयन होगा
पढ़ाई + फिटनेस का संतुलित रूटीन (उदाहरण)
| समय | क्या करें |
|---|---|
| सुबह 5–6 | रनिंग + एक्सरसाइज |
| 7–9 | गणित + रीजनिंग |
| 11–1 | GK / करंट अफेयर्स |
| शाम 4–5 | हल्की रनिंग / स्ट्रेच |
| रात 8–9 | हिंदी + रिवीजन |
मॉक टेस्ट और पिछला पेपर – गेम चेंजर
- सप्ताह में कम से कम 2 मॉक टेस्ट
- हर टेस्ट के बाद एनालिसिस
- गलतियों की अलग कॉपी बनाएं
क्या न करें (बहुत जरूरी)
- सिर्फ किताबें जमा करके न रखें
- आखिरी समय में फिटनेस शुरू न करें
- अफवाहों और फर्जी कट-ऑफ से परेशान न हों
सही मानसिकता रखें
- रोज़ थोड़ा-थोड़ा लगातार पढ़ें
- खुद पर भरोसा रखें
- याद रखें: एक सीट किसी की तो जाएगी, क्यों न आपकी हो?
निष्कर्ष
यूपी पुलिस कांस्टेबल बनने के लिए डिसिप्लिन, निरंतर अभ्यास और फिजिकल-मेंटल बैलेंस सबसे जरूरी है। अगर आप आज से सही दिशा में तैयारी शुरू करते हैं, तो यह सपना हकीकत बन सकता है।
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