साइकिल पोशाक छात्रवृत्ति का पैसा – राज्य में सरकारी स्कूलों की गलती के कारण तीन लाख से अधिक बच्चों को साइकिल, पोशाक, छात्रवृत्ति सहित अन्य लाभुक योजनाओं का लाभनहीं मिलेगा। इसमें दो वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 सत्र के बच्चे शामिल हैं। शिक्षा विभाग ने ई शिक्षा कोष पोर्टल पर बच्चों के नाम समेत अन्य जरूरी ब्योरे में गलती सुधारने का अंतिम मौका 10 मार्च तक दिया था। इसके बाद भी तीन लाख 18 हजार 163 बच्चों के डाटा की गलती में सुधार नहीं किया जा सका। जिन बच्चों के ब्योरे में सुधार हो चुका है, उन्हें इस माह के अंत तक योजना की राशि उनके बैंक खातों में भेज दी जाएगी।
स्कूलों की गलती से तीन लाख बच्चे साइकिल-पोशाक से वंचित
राज्य के सरकारी स्कूलों की कक्षा एक से 12 तक छात्र-छात्राओं के नाम, पिता के नाम, पता, आधार नंबर आदि में गलतियां थीं। ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर 2025-26 सत्र के 75 प्रतिशत उपस्थिति वाले 18 लाख 95 हजार 270 छात्र-छात्राओं के डाटा की जांच कर उन्हें सही करना था। 10 मार्च तक इनमें 17 लाख 51 हजार 950 छात्र-छात्राओं के व्योरा (डाटा) की जांच कर सही कराया जा सका है। इनमें 1 लाख 43 हजार 320 छात्र-छात्राओं का ब्योरा अंतिम रूप से नहीं सुधार जा सका। वित्तीय वर्ष 2024-25 के तहत 75 प्रतिशत उपस्थिति वाले 21 लाख 97 हजार 873 छात्र-छात्राओं में 20 लाख 23 हजार 30 छात्र-छात्राओं के ब्योरे की त्रुटि दूर की जा सकी है। यानी 92.04 प्रतिशत छात्र-छात्राओं के ब्योरा सुधारे जा सके हैं। इस सत्र में एक लाख 74 हजार 843 छात्र-छात्राओं का ब्योरा नहीं सुधारा
शिक्षा विभाग ने त्रुटि सुधार का कई बार दिया था मौका
शिक्षा विभाग ने दोनों सत्रों में छात्र-छात्राओं के ब्योरे में सुधार के लिए दर्जनभर से अधिक मौका जिलों को दिये थे। इसके पहले शिक्षा विभाग ने स्पष्ट कहा था कि 28 फरवरी तक त्रुटि दूर नहीं की गई तो संबंधित विद्यालय के प्रधानाध्यापक, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, डीपीओ ओर डीईओ को मौका नहीं दिया जाएगा। इसके बाद भी शिक्षा विभाग ने एक बार और मौका बढ़ाते हुए इसे 10 मार्च तक कर दिया था। अब शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार आगे बच्चों के ब्योरा में सुधार के लिए मौका नहीं दिया जाएगा। इसके पहले शिक्षा विभाग ने बच्चों के ब्योरे में सबसे अधिक गलती वाले दो दर्जन से अधिक जिलों के शिक्षा अधिकारियों को नोटिस भी भेजा था। कार्रवाई की चेतावनी भी दी थी।
2025-26 में सबसे खराब स्थिति वाले पांच जिले (ब्योरा में त्रुटि वाले बच्चे)
| जिला | त्रुटि वाले बच्चे |
| गया | 12271 |
| मधुबनी | 17105 |
| पूर्वी चंपारण | 17107 |
| जमुई | 6530 |
2024-25 में सबसे खराब स्थिति वाले पांच जिले (ब्योरा में त्रुटि वाले बच्चे)
| जिला | त्रुटि वाले बच्चे |
| गोपालगंज | 10893 |
| पटना | 11642 |
| अरवल | 1778 |
| पूर्वी चंपारण | 16717 |
| किशनगंज | 5086 |
किन छात्रों का पैसा अटक सकता है?
शिक्षा विभाग के अनुसार, जिन छात्रों के ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर निम्न गलतियां हैं, उनका पैसा नहीं आएगा:
- नाम में गलती
- पिता/माता का नाम गलत
- आधार नंबर गलत
- बैंक खाता संख्या गलत
- IFSC कोड गलत
ऐसे में DBT फेल हो जाता है और पैसा खाते में नहीं आता।
साइकिल-पोशाक छात्रवृत्ति पैसा 2026 कैसे चेक करें?
Step-by-Step Process
- Step 1: अपने मोबाइल या कंप्यूटर में DBT या PFMS वेबसाइट खोलें
- Step 2: “Know Your Payment / Payment Status” विकल्प चुनें
- Step 3: इनमें से कोई जानकारी डालें:
- बैंक अकाउंट नंबर
- आधार नंबर
- Step 4: OTP Verify करें
- Step 5: स्क्रीन पर भुगतान की पूरी जानकारी दिख जाएगी।
पैसा नहीं आया तो क्या करें?
अगर अभी तक पैसा नहीं आया है तो:
- स्कूल प्रधानाध्यापक से संपर्क करें
- अपना आधार व बैंक पासबुक जांचें
- नाम की स्पेलिंग सही कराएं
- ई-शिक्षा कोष पोर्टल में डाटा अपडेट करवाएं
ध्यान रखें: 75% उपस्थिति अनिवार्य है, अन्यथा भुगतान रोक दिया जाता है।
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