बिहार में बम्पर बहाली | मैट्रिक इंटर स्नातक पास सबके लिए सरकारी नौकरी

बिहार में बम्पर बहाली | मैट्रिक इंटर स्नातक पास सबके लिए सरकारी नौकरी

बिहार में बम्पर बहाली | मैट्रिक इंटर स्नातक पास सबके लिए सरकारी नौकरी:-राज्य के सरकारी विद्यालयों में लगभग 6500 पुस्तकालयाध्यक्षों की नियुक्ति जल्द ही की जाएगी। यह नियुक्ति पात्रता परीक्षा के आधार पर होगी, जिसमें केवल उत्तीर्ण अभ्यर्थी ही आवेदन कर सकेंगे। पात्रता परीक्षा और नियुक्ति में आयु सीमा में 10 वर्ष की छूट दी जाएगी। यह प्रावधान बिहार विद्यालय पुस्तकालयाध्यक्ष (नियुक्ति, स्थानांतरण, अनुशासनिक कार्रवाई एवं सेवाशर्त) नियमावली-2025 के तहत किया गया है।

इसके साथ ही, बिहार राज्य विद्यालय लिपिक और परिचारी संवर्ग नियमावली-2025 का भी गजट प्रकाशित किया गया है। इन नियमावलियों के लागू होने के साथ ही, माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों में पुस्तकालयाध्यक्षों, लिपिकों और परिचारियों की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू हो गई है।

लिपिकों और परिचारियों के पदों पर मृत शिक्षकों के आश्रितों की अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति की जाएगी। इसके लिए 16 जुलाई तक आवेदन जमा होंगे और छह अगस्त को नियुक्ति पत्र वितरित किए जाएंगे। बिहार विद्यालय पुस्तकालयाध्यक्ष की नियुक्ति बिहार लोक सेवा आयोग की परीक्षा के माध्यम से होगी, जिसमें अभ्यर्थियों को पहले पात्रता परीक्षा पास करनी होगी|

ग्राम पंचायत स्तर के कार्यालयों में लिपिकीय संवर्ग के 8093 निम्नवर्गीय लिपिकों की बहाली के लिए पंचायती राज विभाग क्षेत्रीय कार्यालय लिपिकीय संवर्ग (भर्ती एवं सेवा शर्तें) नियमवावली- 2018 में संशोधन की कैबिनेट ने स्वीकृति दी है। अब इस अधिनियम के तहत की गई नियुक्तियों में परिवीक्षा अवधि एक वर्ष की होगी, जो पहले दो वर्ष थी। इंस्टीट्यूशनल ट्रेनिंग अनिवार्य होगी। निम्नवर्गीय लिपिक के 85% पद सीधी भर्ती से भरे जाएंगे।

जबकि 15% पद कार्यालय के परिचारी/परिचारी (विशिष्ट) जो लिपिक के पद पर नियुक्ति की अर्हता रखते हों, उनसे बिना परीक्षा के वरीयता क्रम से भरे जाएंगे। जिनकी सेवाकाल में मृत्यु हो गई हो, उनके आश्रितों को अनुकंपा पर नियुक्ति हेतु विचार किया जा सकेगा। इसके लिए आयोग की अनुशंसा अपेक्षित नहीं होगी। सेवाकाल में मृत सरकारी सेवकों के आश्रितों की नियुक्ति के बाद हर कैलेंडर वर्ष की शेष रिक्तियों के लिए अधियाचना आयोग को दिसंबर माह तक भेजी जाएगी। न्यूनतम इंटरमीडिएट योग्यताधारी कार्यालय परिचारी नहीं रहने पर पदों को सीधी भर्ती से भरे जाने का प्रावधान है।

राज्य में कंपनियों की कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व निधि (सीएसआर फंड) के सतत अनुश्रवण एवं प्रभावी क्रियान्वयन के लिए कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व नीति, 2025 और बिहार राज्य कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व सोसाइटी के गठन का निर्णय लिया गया है। इसके लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया गया है। यह कमेटी तय करेगी कि किस योजना में सीएसआर के तहत कितनी राशि दी जाएगी। किसी योजना का कार्यान्वयन कैसे होगा, ये भी कमेटी तय करेगी।

गयाजी के डोभी प्रखंड में सहकारिता महाविद्यालय और सहकारिता प्रशिक्षण एवं शोध संस्थान खोला जाएगा। कैबिनेट से प्रस्ताव को स्वीकृति मिली। सहकारिता विभाग को इसके लिए 10.31 एकड़ जमीन हस्तांतरित की गई है। जल्द बाउंड्री व भवन निर्माण शुरू किया जाएगा। मंत्री डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि स्थायी भवन के बनने तक इसका संचालन किराए के भवन में किया जाएगा। जल्द कोर्स तैयार किया जाएगा। सहकारिता कॉलेज को त्रिभुवन विवि, गुजरात से मान्यता दिलाने के प्रयास जारी हैं।

मुजफ्फरपुर के कुढ़नी और कैमूर के अधौरा के चैनपुर एवं कोल्हुआ में 720 बेड के डॉ. भीमराव आंबेडकर आवासीय विद्यालय बनेंगे। इसके लिए कैबिनेट ने 65.80 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी है। 2011 की जनगणना के अनुसार एसटी की 5 हजार से अधिक आबादी वाले प्रखंडों में आवासीय स्कूल का निर्माण कराने की स्वीकृति दी गई है। 26 नवस्वीकृत समेत सभी आवासीय स्कूलों को प्लस टू तक के भवन बनाए जा रहे हैं।

राज्य में नई रिन्युएबल एनर्जी पॉलिसी-2025 लागू हो गई है। कैबिनेट से इसे मंजूरी मिली। नई नीति पांच वर्षों के लिए प्रभावी होगी। इसके तहत राज्य में नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों से 23,968 मेगावाट बिजली का उत्पादन और नवीकरणीय ऊर्जा भंडारण की 6.1 गीगावाट घंटे की क्षमता विकसित करने का लक्ष्य है। इसमें ग्रीन हाइड्रोजन, जियो थर्मल, पंप स्टोरेज और ग्रिड लेवल बैटरी स्टोरेज शामिल हैं। इसके लिए निजी निवेश को प्रोत्साहन दिया जाएगा। ओपन एक्सेस, ऊर्जा बैंकिंग, ग्रीन टैरिफ और सिंगल विंडो की सुविधा शामिल होगी। ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र यादव ने कहा कि नई नीति से राज्य में अक्षय ऊर्जा के माध्यम से विकास तेज होगा।

  • जीविका दीदियों के बैंक के लिए 105 करोड़ की राशि दी गई है।
  • प्राकृतिक गैस पाइप लाइन बिछाने के लिए सड़क कटाई समेत अन्य कार्य के लिए अनुमति लेनी होगी और मापदंड का पालन करना होगा।

बिहार सरकार ने चुनाव से पहले राज्य की महिलाओं को बड़ा तोहफा दिया है। सरकारी नौकरियों में महिलाओं को मिलने वाला 35% क्षैतिज आरक्षण का लाभसिर्फ बिहार मूल निवासी महिलाओं को ही मिलेगा। मंगलवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक में यह फैसला लिया गया।

अपर मुख्य सचिव डॉ. एस सिद्धार्थ ने बताया कि अब दूसरे राज्य की महिला अभ्यर्थियों को आरक्षण का लाभ नहीं मिलेगा। उन्हें सामान्य श्रेणी में ही आवेदन करना होगा। अब तक यूपी, हरियाणा, दिल्ली समेत दूसरे राज्यों की महिलाएं भी इस आरक्षण का लाभ उठा रही थीं। इसको देखते हुए सरकार ने यह फैसला लिया है। डॉ. सिद्धार्थ ने कहा कि सरकार का मानना है कि इससे राज्य में महिला सशक्तिकरण और मजबूत होगा। कैबिनेट की बैठक में कुल 43 एजेंडों को मंजूरी मिली।

सरकार ने पुरुष दिव्यांगजनों के लिए सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना को मंजूरी दी है। इसका मकसद उन्हें सशक्त बनाना और उच्च पदों पर नौकरी दिलाना है। योजना मुख्यमंत्री दिव्यांगजन सशक्तिकरण योजना ‘संबल’ के अंतर्गत लागू होगी। इसके तहत पिछड़ा वर्ग, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) और सामान्य वर्ग के पुरुष दिव्यांगजन अभ्यर्थियों को आर्थिक सहयोग मिलेगा। इसके तहत बीपीएससी-पीटी पास करने वालों पर 50,000 रुपए और यूपीएससी-पीटी पास करने पर 1 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि मिलेगी।

बिहार में अब नौकरियों मे महिलाओं को मिलने वाला 35% क्षैतिज आरक्षण सिर्फ राज्य की मूल महिलाओ को मिलेगा। यानी अब बाहर की महिलाओं को आरक्षण नहीं।

पहले यह 35% आरक्षण देश के किसी भी राज्य की महिलाओ को मिल जाता था। बड़ी संख्या में राज्य के बाहर की महिलाएं इस आरक्षण का फायदा उठा आज नौकरी में हैं।

अब राज्य के बाहर की महिलाओं को आरक्षण नहीं मिलेगा। इससे बिहार की महिलाओ का कटऑफ कम होगा। चयन की संभावना बढ़ेगी। अधिक मौके मिलेंगे।

हां, यह क्षैतिज आरक्षण है। जो सभी सामाजिक वर्गों (सामान्य, ओबीसी, एससी, एसटी आदि) में महिलाओ को 35 प्रतिशत सीट सुनिश्चित कराता है।

हां, जरूरी है। पुरुषों के लिए डोमिसाइल न होना अन्यायपूर्ण है। दूसरे राज्यों के पुरुष बड़ी संख्या में बिहार की सरकारी नौकरी पा रहे हैं। यहां के पुरुष अभ्यर्थी चयन में पिछड़ रहे हैं।

बिहार में पहली बार युवा आयोग का गठन किया गया है। कैबिनेट ने मंगलवार को इसके गठन की मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि यह आयोग बिहार के युवाओं को आत्मनिर्भर और दक्ष बनाएगा। रोजगारोन्मुखी बनाएगा। युवा आयोग में एक अध्यक्ष, दो उपाध्यक्ष और सात सदस्य होंगे। आयोग में सदस्य बनने की अधिकतम उम्र 45 वर्ष है। आयोग युवाओं की स्थिति में सुधार और उत्थान से संबंधित सभी मामलों पर सरकार को सलाह देगा। शराब और अन्य नशे के मामलों पर रोकथाम के लिए कार्यक्रम बनाएगा।

राज्य सरकार ने किसानों को डीजल अनुदान देने का फैसला किया है। कैबिनेट ने 100 करोड़ मंजूर किया है। सिंचाई के लिए प्रति एकड़ 750 रुपए अनुदान मिलेगा। राशि 75 रुपए प्रति लीटर डीजल के हिसाब से 10 लीटर प्रति एकड़ है। अधिकतम 8 एकड़ डीजल अनुदान मिलेगा। धान का बिचड़ा बचाने और जूट की दो सिंचाई के लिए 1500 रुपए प्रति एकड़ अनुदान मिलेगा। धान, मक्का समेत दलहनी, तेलहनी, मौसमी सब्जी, औषधीय एवं सुगंधित पौधों की अधिकतम 3 सिंचाई के लिए 2250 रुपए प्रति एकड़ की दर से अनुदान मिलेगा।

कैबिनेट ने पथ निर्माण विभाग की 13 सड़क पुल परियोजनाओं के लिए 668 करोड़ रुपए की मंजूरी दी है। इससे 110 किमी सड़कों का चौड़ीकरण होगा। पथ निर्माण मंत्री नितिन नवीन ने कहा कि सड़क संपर्क विकास वाली इन योजनाओं से आने वाले वर्षों में बिहार के बुनियादी ढांचे की तस्वीर बदल जाएगी। इन योजनाओं में समस्तीपुर से लेकर कटिहार तक 11 जिलों की सड़कें शामिल हैं।

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