स्नातक के नए सत्र की कक्षाएं शुरू- 75% उपस्थित अनिवार्य- जल्दी देखें:-अगर आपने स्नातक (UG) में नया नामांकन कराया है तो आपके लिए बड़ी खबर है। विश्वविद्यालय और संबद्ध कॉलेजों में 13 जुलाई से नए सत्र की कक्षाएं शुरू हो रही हैं। सभी विद्यार्थियों को नियमित रूप से कॉलेज आकर पढ़ाई करनी होगी। कई विश्वविद्यालयों और कॉलेजों ने स्पष्ट कर दिया है कि 75% उपस्थिति (Attendance) अनिवार्य रहेगी। यदि छात्र निर्धारित उपस्थिति पूरी नहीं करते हैं तो उन्हें आंतरिक परीक्षा, सेमेस्टर परीक्षा, प्रैक्टिकल, स्कॉलरशिप तथा अन्य शैक्षणिक सुविधाओं में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
ऐसे में नए छात्रों के लिए यह जानना बेहद जरूरी है कि नामांकन के बाद आगे क्या-क्या प्रक्रिया होगी, कॉलेज में किन बातों का ध्यान रखना है और नियमित पढ़ाई कैसे करनी है। इस पोस्ट में आपको सभी महत्वपूर्ण जानकारी विस्तार से दी गई है।
Graduation New Session 2026 Latest Update
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेजों में स्नातक के नए सत्र की कक्षाएं 13 जुलाई से प्रारंभ की जा रही हैं। नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब कॉलेज प्रशासन नए विद्यार्थियों का स्वागत करने की तैयारी कर चुका है।
कॉलेजों में छात्रों को विभागवार कक्षाओं में बैठाया जाएगा तथा पहले सप्ताह में परिचय (Orientation), विषय चयन, विभागीय जानकारी एवं कॉलेज के नियमों की जानकारी दी जाएगी।
13 से शुरू होंगी स्नातक के नये सत्र की कक्षाएं
बीआरएबीयू के अंगीभूत व संवद्ध कॉलेजों में स्नातक सत्र (26-30) की तीसरी मेरिट लिस्ट के आधार पर नामांकन प्रक्रिया संपन्न हो गयी, देर शाम तक करीब एक लाख सीटों पर छात्रों के दाखिले की रिपोर्ट सामने आयी है. नामांकन खत्म होते ही वीसी के निर्देश पर विवि प्रशासन ने 13 जुलाई से नये सत्र की कक्षाएं शुरू करने की आधिकारिक अधिसूचना भी जारी कर दी है.
हालांकि, एक तरफ जहां विवि नये सत्र के स्वागत की तैयारी में है, वहीं दूसरी तरफ 39 नये राजकीय डिग्री कॉलेजों में छात्रों के बेहद कम रुझान ने अधिकारियों की चिंता बढ़ा दी है.
ऑनस्पॉट नामांकन का विकल्प देने की मांग
अध्यक्ष छात्र कल्याण प्रो आलोक प्रताप सिंह ने बताया कि पुराने और नियमित कॉलेजों में 13 जुलाई से कक्षाएं विधिवत संचालित होने लगेंगी. वहीं, राज्य सरकार की विशेष पहल पर मुजफ्फरपुर सहित छह जिलों (वैशाली, पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, सीतामढ़ी और शिवहर) के कॉलेज विहीन प्रखंडों में खोले गये 39 नये राजकीय डिग्री कॉलेजों में 17 जुलाई से पढ़ाई शुरू होनी है.
इन नये कॉलेजों का संचालन फिलहाल स्थानीय प्रशासन की मदद से चिह्नित अस्थाई सरकारी भवनों में किया जायेगा. सरकार ने इसी सत्र से बिना प्रैक्टिकल वाले छह विषयों की पढ़ाई को हरी झंडी दे दी है.
विडंबना यह है कि
इन संस्थानों में प्राचार्य व वर्सर की तैनाती तो हो चुकी है, लेकिन छात्रों का टोटा पड़ा हुआ है. कई नए कॉलेजों में सभी छह विषयों को मिलाकर बमुश्किल 20 से 30 सीटें ही भर पाई हैं, जबकि कुछ में तो सिर्फ दो-चार छात्रों ने ही एडमिशन लिया है.
स्थिति चिंताजनकः रोजगारपरक कोर्स में भी विवि को नहीं मिले छात्र
बीआरएबीयू में लोकभवन के ड्रीम प्रोजेक्ट “अप्रेंटिसशिप एंबेडेड डिग्री प्रोग्राम” (एइडीपी) को छात्रों का भारी टोटा पड़ गया है. युवाओं को सीधे रोजगार से जोड़ने के लिए किए गए इस कार्यक्रम में छात्रों ने कोई खास दिलचस्पी नहीं दिखाई है. स्थिति यह है कि 10 जुलाई को आवेदन की विस्तारित तिथि समाप्त होने के बाद भी हालात निराशाजनक ही रहे. सबसे खराब स्थिति ‘बीकॉम रिटेल ऑपरेशंस” की है, जिसके लिए पूरे विवि से वे से मात्र दो आवेदन आए हैं.
हैरानी की बात यह है कि
यह कोर्स दो अलग-अलग कॉलेजों में स्वीकृत है, ऐसे में दो छात्रों के साथ पढ़ाई शुरू होना संभव नहीं दिख रहा. वहीं, एलएनडी कॉलेज मोतिहारी के ‘बीए कंटेंट एंड क्रिएटिव राइटिंग’ (60 सीट) के लिए 28 व तीन कॉलेजों में स्वीकृत ‘बैंकिंग फाइनेंशियल सर्विस एंड इंश्योरेंस” के लिए कुल 39 छात्रों ने ही आवेदन किया है. यह योजना आरएन कॉलेज हाजीपुर, एलएनडी कॉलेज मोतिहारी व आरएसएस साइंस कॉलेज सीतामढ़ी के लिए लायी गयी थी. डीएसडब्ल्यू प्रो आलोक प्रताप सिंह ने बताया कि इन कोर्सेज का संचालन किसी एक ही कॉलेज में किया जा सकता है.
75% उपस्थिति क्यों जरूरी है?
आज अधिकांश विश्वविद्यालय Choice Based Credit System (CBCS/NEP) के अनुसार पढ़ाई करा रहे हैं। इसमें नियमित कक्षाओं में भाग लेना अत्यंत आवश्यक माना गया है।
यदि आपकी उपस्थिति 75% से कम रहती है तो निम्न समस्याएं हो सकती हैं—
- सेमेस्टर परीक्षा का फॉर्म भरने में दिक्कत
- इंटरनल एग्जाम में अंक कम मिलना
- प्रैक्टिकल परीक्षा में परेशानी
- स्कॉलरशिप एवं अन्य योजनाओं का लाभ प्रभावित होना
- कॉलेज की अनुशासनात्मक कार्रवाई
- कई विश्वविद्यालयों में परीक्षा से वंचित भी किया जा सकता है
कॉलेज की पहली क्लास में क्या होगा?
नई कक्षाओं के पहले कुछ दिनों में छात्रों को निम्न जानकारी दी जाती है—
- कॉलेज एवं विभाग का परिचय
- शिक्षकों से मुलाकात
- विषय (Subject) की जानकारी
- टाइम टेबल
- लाइब्रेरी सुविधा
- लैब एवं प्रैक्टिकल की जानकारी
- परीक्षा प्रणाली
- Attendance Rules
- Anti Ragging नियम
- छात्र पहचान पत्र (ID Card) की प्रक्रिया
नामांकन के बाद छात्रों को क्या-क्या करना चाहिए?
यदि आपका एडमिशन हो चुका है तो निम्न कार्य जल्द पूरा कर लें—
कॉलेज आईडी कार्ड बनवाएं
कॉलेज द्वारा जारी आईडी कार्ड हमेशा अपने पास रखें।
लाइब्रेरी कार्ड बनवाएं
पुस्तकें लेने के लिए लाइब्रेरी कार्ड आवश्यक होता है।
कॉलेज पोर्टल पर लॉगिन करें
अधिकांश विश्वविद्यालय ऑनलाइन पोर्टल उपलब्ध कराते हैं जहां से नोटिस, परीक्षा फॉर्म और रिजल्ट देखे जा सकते हैं।
विभाग के WhatsApp/Telegram ग्रुप से जुड़ें
महत्वपूर्ण सूचना समय पर प्राप्त होगी।
टाइम टेबल डाउनलोड करें
सभी विषयों की कक्षाओं का समय नोट करें।
कॉलेज जाते समय किन-किन बातों का रखें ध्यान?
नए छात्रों को निम्न बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए—
- प्रतिदिन समय से कॉलेज पहुंचे।
- कॉलेज आईडी कार्ड साथ रखें।
- नोटबुक एवं आवश्यक पुस्तकें साथ रखें।
- सभी कक्षाओं में उपस्थित रहें।
- मोबाइल का प्रयोग केवल आवश्यक स्थिति में करें।
- शिक्षकों का सम्मान करें।
- कॉलेज की अनुशासन व्यवस्था का पालन करें।
- किसी भी प्रकार की रैगिंग में शामिल न हों।
- कॉलेज परिसर को साफ रखें।
- नोटिस बोर्ड नियमित देखें।
पहले सेमेस्टर में क्या-क्या होगा?
स्नातक के पहले सेमेस्टर में सामान्यतः निम्न गतिविधियां होती हैं—
- नियमित कक्षाएं
- इंटरनल टेस्ट
- असाइनमेंट जमा करना
- प्रेजेंटेशन
- प्रैक्टिकल (यदि लागू हो)
- सेमिनार
- प्रोजेक्ट कार्य
- सेमेस्टर परीक्षा
- रिजल्ट जारी
Attendance कैसे बढ़ाएं?
यदि आप नियमित उपस्थिति बनाए रखना चाहते हैं तो—
- रोज कॉलेज जाएं।
- सभी पीरियड अटेंड करें।
- बिना जरूरी कारण छुट्टी न लें।
- मेडिकल कारण होने पर आवेदन दें।
- विभागीय कार्यक्रमों में भाग लें।
- समय पर कॉलेज पहुंचे।
क्या 75% से कम उपस्थिति होने पर परीक्षा दे सकते हैं?
यह विश्वविद्यालय के नियमों पर निर्भर करता है। कई विश्वविद्यालय विशेष परिस्थितियों में छूट देते हैं, जबकि कई संस्थानों में न्यूनतम उपस्थिति पूरी न होने पर परीक्षा फॉर्म स्वीकार नहीं किया जाता। इसलिए शुरुआत से ही नियमित उपस्थिति बनाए रखना सबसे सुरक्षित विकल्प है।
स्नातक छात्रों के लिए महत्वपूर्ण सलाह
यदि आपने अभी-अभी कॉलेज जीवन शुरू किया है तो पहले वर्ष को गंभीरता से लें। यही समय आपकी पढ़ाई की नींव तैयार करता है।
- रोजाना कम से कम 2–3 घंटे स्वाध्याय करें।
- कक्षा में पढ़ाए गए विषयों का उसी दिन पुनरावृत्ति करें।
- पुराने प्रश्नपत्र हल करें।
- नोट्स स्वयं तैयार करें।
- शिक्षकों से समय-समय पर मार्गदर्शन लेते रहें।
- प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी साथ में शुरू कर सकते हैं।
नामांकन के बाद आगे क्या-क्या होगा?
| प्रक्रिया | संभावित कार्य |
|---|---|
| कक्षाएं शुरू | नियमित पढ़ाई |
| आईडी कार्ड | कॉलेज द्वारा जारी |
| लाइब्रेरी कार्ड | पुस्तक सुविधा |
| विषय आवंटन | विभाग द्वारा |
| इंटरनल टेस्ट | सेमेस्टर के दौरान |
| असाइनमेंट | समय-समय पर जमा |
| प्रैक्टिकल | संबंधित विषयों के लिए |
| परीक्षा फॉर्म | विश्वविद्यालय पोर्टल पर |
| सेमेस्टर परीक्षा | निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार |
| रिजल्ट | परीक्षा के बाद जारी |
महत्वपूर्ण बातें
- 13 जुलाई से नियमित कक्षाएं शुरू हो रही हैं।
- 75% उपस्थिति बनाए रखना जरूरी है।
- समय पर कॉलेज पहुंचें।
- कॉलेज के सभी नियमों का पालन करें।
- नियमित पढ़ाई करें।
- नोटिस बोर्ड और कॉलेज पोर्टल पर नजर रखें।
- परीक्षा एवं असाइनमेंट की तैयारी पहले से शुरू करें।
निष्कर्ष
स्नातक में प्रवेश लेने के बाद केवल नामांकन करा लेना ही पर्याप्त नहीं है। नियमित कक्षाओं में भाग लेना, 75% उपस्थिति बनाए रखना, समय पर असाइनमेंट जमा करना और परीक्षा की तैयारी करना आपकी सफलता के लिए बेहद आवश्यक है। यदि आप पहले दिन से अनुशासन के साथ पढ़ाई करेंगे तो पूरे स्नातक पाठ्यक्रम में बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगे।
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